Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, kishan bhavnani, lekh

युवा संवाद – इंडिया एट 2047

 युवा संवाद – इंडिया एट 2047  भारत को अब बलिदान नहीं योगदान की दरकरार – युवा वो इंजन हैं जो …


 युवा संवाद – इंडिया एट 2047 

भारत को अब बलिदान नहीं योगदान की दरकरार – युवा वो इंजन हैं जो देश को कामयाबी के शिखर की ओर ले जाते हैं 

युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान देकर देश को विश्व गुरु बनाने का संकल्प आज़ादी के अमृत महोत्सव में लेना समय की मांग – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनिया के देशों की नजरें एकटक भारत पर लगी हुई है कि कैसा ख़ूबसूरत है यह देश और यहां के सज्जन मानुषी जीव जिनमें इतना सारा जोश ज़ज्बा और जुनून भरा है कि कभी तालियों, थालियों,घंटियों को बजा कर अपने फ्रंटलाइन योद्धाओं को संकल्प सिद्धि मंत्र से प्रोत्साहित कर महामारी कोभगाने का दृढ़ संकल्प लेकर वैक्सीनेशन डोज 200 करोड़ पार कर देते हैं तो कभी विज़न 2047, 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का संकल्प, तो अभी अपनी भारत माता की शान में हर घर तिरंगा और आजादी का 75 वां अमृत जयंती महोत्सव का जबरदस्त जुनून के साथ 135 करोड़ हर धर्मों के नागरिक सर्वधर्म सद्भाव से एक साथ देश भक्ति और राष्ट्र भक्ति में इतने मग्न हो गए हैं कि चहूं और तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, भारत माता की जय, वंदे मातरम, यह देश है वीर जवानों का अलबेलों का मस्तानों का, नारों पर ऐसे झूम रहे हैं जो भारत के इतिहास में शायद पहली बार हम लोग ऐसा जुनून देख रहे हैं। विश्व में सर्वोच्च बुद्धि क्षमता का परिचायक भारतीय नागरिकों के ऐसे हौसलों से ही भारत के धुर विरोधी तो क्या सच्चे दोस्त भी अचंभे में हैं!! ऐसा है हमारा भारत देश!! वहीं कोई मतभेद नहीं दिख रहा है चाहे विपक्षी पार्टियां भी हो, भले ही अपने अपने रूप में पर तिरंगे का सम्मान जोर शोर से कर रहे हैं और हमें पूरा विश्वास है 15 अगस्त 2022 को यह जश्न अपने चरम स्तर पर होगा!!जब लाल किले से झंडा फहराया जाएगा, इसलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से अमृत जयंती महोत्सव, युवा संवाद इंडिया एट 2047 पर चर्चा करेंगें। 

साथियों बात अगर हम अमृत महोत्सव, हर घर तिरंगा और स्वतंत्रता दिवस की 75 वी जयंती पर उत्साह और जुनून की करें तो भारत की आबादी का 65फ़ीसदी युवाओं में अभूतपूर्व जोश और उत्साह बड़ी उमंग के समानें खुशियों की भी नतमस्तक है!!बुजुर्गों का कहना है कि इन 75 वर्षों में पहली बार इतना जोश देख रहे हैं, जिसके संकेत सुरक्षित और उज्जवल भविष्य की ओर उंगली उठा रहे हैं कि हम 100 वें स्वर्ण जयंती महोत्सव 2047 में कहां होंगे इसका उत्तर हमें विश्व गुरु बनने की ओर ले जाता है। 

साथियों बात अगर हम 12 अगस्त 2022 को युवा संवाद इंडिया रेट 2047 में माननीय केंद्रीय मंत्रियों द्वारा एक कार्यक्रम में संबोधन की करें तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं की प्रतिभा, लगन एवं ज़ज्बा हमें प्रेरणा देने वाले और हमारा उत्साह बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने युवा संवाद के आयोजन के लिए खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय की सराहना की।खासकर ऐसे महत्वपूर्ण समय में जब हम आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहे हैं और अपनी आजादी के 75वें वर्ष को सेलिब्रेट कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि इन संवादों से देश में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने देश के युवाओं से आग्रह किया कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति भीजागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें बड़ी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 

साथियों युवा देश के कर्णधार है, युवा सोशल मीडिया पर जागरूक रहकर एक दूसरे को जागरूक करते हैं। युवाओ को जातिवाद से दूर रहना है। स्वार्थ सिद्ध करने के लिए कुछ लोग जातिवाद कर रहे है युवाओं को उनसे सावधान रहना होगा। पूरे देश में राष्ट्रवाद की लहर चल रही है यह लहर बस्सी में भी चलनी चाहिए। बदलाव की लहर युवाओं के हाथों में ही है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारतीय मूल्यों,लोकाचार, ज्ञान और मॉडलों को दुनिया के सामने ले जाने की जिम्मेदारी हमारे युवाओं पर है। जिस भावना और ईमानदारी के साथ हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, हमारे आज के युवाओं को भी भारत को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वही भावना और ईमानदारी खुद में विकसित करनी चाहिए, खासकर अमृत काल के इन 25 वर्षों में। 

साथियों उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की ओर बड़ी उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है, अपने हजारों वर्षों के इतिहास में हमारी युवा शक्ति ने ही अपने देश की नियति को आकार देने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, शहीद बाजी राउत, रानी गाइदिन्ल्यू एवं उनके जैसे अनगिनत लोगों ने हमें प्रेरित किया और अपनी युवावस्था में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। आगे कहा कि भारत के पास अपनी समृद्ध सभ्यता की विशाल जड़ें हैं। इस विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी हमारी उत्साही युवा जनसंख्या पर है। 

साथियों इस मौके पर दूसरे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, जिस प्रकार पीएम हमेशा कहते हैं, युवा वो इंजन हैं जो देश को कामयाबी की ओर ले जाते हैं। अब हमारे युवाओं का ये कर्तव्य है कि वे अमृत काल के दौरान देश को कामयाबी के शिखर की ओर ले जाएं। अमृत काल में युवाओं को अमृत लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान देना होगा और देश को विश्वगुरु बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेने का आग्रह किया। तिरंगा 130 करोड़ भारतीयों की एकता का प्रतीक है। स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी, लेकिन देश को विश्वगुरु बनाने के लिए अब युवाओं से बलिदान नहीं योगदान की दरकार है।

साथियों उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने और अपने विचार साझा करने के लिए युवाओं को एक मंच देने हेतु युवा कार्यक्रम विभाग देश भर में 750 युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगा।  देश में युवाओं की तरक्की और विकास के लिए चार ‘ई’ प्रमुख हैं- एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप, एंपावरमेंट। स्वयंसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा स्वयंसेवा के माध्यम से राष्ट्र को सेवा प्रदान कर सकता है। ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण, फिट इंडिया, स्वच्छ भारत, नशा मुक्ति अभियान, पोषण अभियान- ये ऐसे कुछ प्रमुख क्षेत्र हैं जिनमें युवा अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते हैं।सभा को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री प्रमाणिक ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने महामारी के समय में एनवाईकेएस और एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा फ्रंटलाइन योद्धाओं की भूमिका निभाने की सराहना की। पीएम के ‘संकल्प से सिद्धि मंत्र’ से प्रेरणा लेकर भारत का युवा अब नौकरी तलाशने के बजाय नौकरी पैदा करने वाला बन गया है। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका  विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि युवा संवाद एट इंडिया  2047, भारत को अब बलिदान नहीं योगदान की दरकार है, युवा वे इंजन है जो देश को कामयाबी के शिखर की ओर ले जाते हैं। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान देकर देश को विश्व गुरु बनाने का संकल्प आजादी के अमृत महोत्सव में लेने समय की मांग। 

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

हमारे लिए कितना प्रासंगिक हैं वेलेंटाइन डे?

February 16, 2022

हमारे लिए कितना प्रासंगिक हैं वेलेंटाइन डे? क्यों किसी भी बात पर हम दिनों को तय कर उसे मानते हैं।जैसे

Vidhvanshak mahayuddh

February 16, 2022

विध्वंसक महायुद्ध रूस यूक्रेन युद्ध संभावना से यूरोप सहित विश्व में खलबली- भारत सतर्क – एडवाइजरी जारी महायुद्ध से वैश्विक

Sashakt maa, sashakt vishwa

February 16, 2022

सशक्त मां, सशक्त विश्व! अत्यंत बुरे अनुभवों में से एक जो एक बच्चा देख सकता है, वह परिवार या समाज

Bharat samriddh sanskritik virasat ki bhumi hai

February 16, 2022

भारत समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भूमि है भारत मानव सभ्यता की शुरुआत से ही समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भूमि रही

Hamein ajeevika ki raksha karni hogi

February 16, 2022

हमें आजीविका की रक्षा करनी होगी भारत के दूरदराज के कोने कोने में समृद्धि लाने तकनीकी भूमिका बढ़ानी होगी जनसांख्कीय

लोक कल्याण संकल्प पत्र, सत्य वचन, उन्नति विधान

February 14, 2022

लोक कल्याण संकल्प पत्र, सत्य वचन, उन्नति विधान नए डिजिटल भारत में चुनावी घोषणा पत्रों का स्वरूप बदला- नए प्रौद्योगिकी

Leave a Comment