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mainuddin_Kohri, poem

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “

“युवा शक्ति जागो रे” जागो- जागो , जागो रे जागो सेवा का हथियार हाथ में“मुझको नही तुझको “के नारे सेदुखियों …


“युवा शक्ति जागो रे”

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी "
जागो- जागो , जागो रे जागो

सेवा का हथियार हाथ में
“मुझको नही तुझको “के नारे से
दुखियों के दुःख- दर्द को मिटाना है ……..
जागो ………………….!

पर , पीड़ा को मिल मिटाएंगे
एक दूजै के सहारे से आगे बढ़ना है
कष्ट ना पाए कोई दुखियारा
आओ अपने हाथों से देश बनाना है ।

जागो रे……………………..!
बच्चा – बच्चा समझे अपनी जिम्मेदारी
गाँव-गली में अनपढ़ रहे न कोई
शिक्षा की अलख जगाने को
आओ मिलकर ज्योत से ज्योत जलाना है ।
जागो रे ……………………..!

जन- जन को राष्ट्र हित में आना है
कुरीतियों को मिल जड़ से मिटाना है
विकाश की गंगा बहाने की खातिर
बस्ती – बस्ती सेवा की अलख जगाना है ।
जागो रे ……………………!

अपनी ताकत को तुम पहचानों
आओ सेवा की मशाल जलाएं
युवा-शक्ति के हाथों देश बदलने
“नाचीज़” युवा-युवतियों को जगाना है ।
जागो रे ………………….!!!

मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “
मो. 9680868028


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