Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

यादें-जयश्री बिरमी

यादें जब आई न नींद खूब उधेड़े ताने बानेकुछ दिन ही नहीं कुछ महिनें ही नहींसालो तक पहुंचाईबचपन से हुई …


यादें

यादें-जयश्री बिरमी
जब आई न नींद खूब उधेड़े ताने बाने
कुछ दिन ही नहीं कुछ महिनें ही नहीं
सालो तक पहुंचाई
बचपन से हुई कुमारी और फिर हुई नारी
नारी से हुई मां जिस से पूर्णता पाई
जिया बचपन अपना उनमें इस उम्र में
और बहुत हर्षाई
पीछे दौड़ी मैं जब थी परीक्षा उनकी
रात जगी मैं तब भी थी परीक्षा उनकी
आगे बढ़ी थी जवानी पिछड़ रहा था बुढ़ापा
हुए काबिल उड़ गए छोड़ घोंसला
कर गए खाली दे गए खालीपन
अब तो हैं बस उधेड़ बुन का समां
ताने बाने के बिखराव का समां
खालीपन,बिखराव और जगराते रह गएं हैं
चिड़ा चिड़िया ही अब घोंसले में रह गएं हैं
देख आसमां की और किसान की तरह
बारिश की राह देख रहे हैं
कब आएं और भरे घोंसला
हो हरी भरी फुलवारी

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

बेरोजगार हूं-दीप मदिरा

February 7, 2022

बेरोजगार हूं कभी कट्टर हिंदूवादी हूं कभी कट्टर भाजपा समर्थक हूं कभी कट्टर मोदी समर्थक हूं कभी कट्टर योगी समर्थक

जाति -पाति- -सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 6, 2022

जाति -पाति जाति-पाति में मत उलझो ,रहना है हमें हर ठाँव बराबर।सिर के ऊपर सूरज तपता ,तो पाँव केनीचे छाँव

नब्ज/नेता- सधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

नब्ज/नेता मैं नेता हूं मगर मैं दूसरे किस्म का नेता हूंगली गली नहीं भटकताजनता की नब्ज नहीं टटोलता,क्योंकि मुझे खुद

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम- सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम हे बापू हे राष्टृपिता संत साबरमती केपुजारी अहिंसा केतुम्हें नमन हैकोटि कोटि प्रणाम है।देश में आज

दोस्तों के नाम की शाम-सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

दोस्तों के नाम की शाम आइए!कुछ करते नहीं तो बस इतना करते हैं,एक शाम दोस्तों के नाम करते हैं,मौज मस्ती

सतत विकास-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

सतत विकास! करें गरीबी का निवारण, मिलकर बचाए पर्यावरण,हो समाज मैं आत्मनिर्भरता,बिना फर्क किए हो लैंगिक समानता! कोई व्यक्ति न

Leave a Comment