Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मोहब्बत ए परवाना

मोहब्बत ए परवाना कहते हैं वो मोहब्बत ए परवाने , इस अंजुमन में रखा क्या हैतेरे हुस्न दीदार के बिना …


मोहब्बत ए परवाना

मोहब्बत ए परवाना

कहते हैं वो मोहब्बत ए परवाने , इस अंजुमन में रखा क्या है
तेरे हुस्न दीदार के बिना बता सनम अंजुमन में मज़ा क्या है।।

अपने नशीले लबों को , हमें देख , तेरा लबों को दबाना
बता लबों कि लाली के कातिलाना रंग कि रज़ा क्या है।।

तेरी कज़रारी नैनों में बिखरता या काला सा काजल
कहती हो कज़रारी नैंनों में, मैं ना डूबूं , बता सजा क्या है।।

सहलाना चाहता हूं तेरी घनी जुल्फों के ये घने बादल
सहलाने नहीं देती क्यों ये जुल्फ़े तुम , बता वज़ह क्या है।।

तेरे इस जिस्म़ की , महक संग , मैं महक बहकना चाहता
कहती हो कोई देख लेगा , तो देखने दो , इसमें खता क्या है।।

कह देंगे इस जमाने को तेरी मोहब्बत में तेरे परवाने हम
तेरा परवाना ना कहलाऊं , एसा न हो तो ये मोहब्बत क्या है ।।

वीणा के तारों से सुर को कोई भी अलग ना कर सकता
वीणा के सुर के बिना बता , वीणा में कोई साज़ क्या है।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र


Related Posts

दर्द कहां से पाया हूं ?- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

September 22, 2021

 दर्द कहां से पाया हूं ? तपन जीवन की कहती है ,अपना जो शेष जीवन है ,धरा पर जो सुरक्षित

Desh ka durbhagya by Jitendra Kabir

September 22, 2021

 देश का दुर्भाग्य  कृषि के लिए नीतियां बनाने में कृषक का प्रतिनिधित्व नहीं, शिक्षा के लिए नीतियां बनाने में शिक्षक

Shrad ka bhojan by Sudhir Srivastava

September 22, 2021

 श्राद्ध का भोजन कौआ बनकर मैं तुम्हारे घर की मुँडेर पर नहीं आऊँगा, अपने और पुरखों का सिर मैं झुकाने

Rang kavita by nandini laheja

September 18, 2021

 रंग ये ज़िन्दगी भी देखो,बड़ी अजीब सी है। अलग-अलग रंगो, से ये सजी हुई है। कुछ रंग है खुशियों के,

Balkavita chidiya by mainudeen kohri

September 18, 2021

 बाल कविता चिड़िया        चूं – चूं चीं – चीं करती चिड़िया । सब  के मन को भाती चिड़िया

Balkavita television by mainudeen kohri

September 18, 2021

बाल कविता टेलीविजन   मैं  हूँ बच्चों   टेलीविजन । मेरा कोई  नहीं है सीजन ।। मैं चलता रहता हरदम ।

Leave a Comment