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poem, R.S.meena

मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा- R.S.meena Indian

कविता -मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा मिल जाये गर रहबर ,हर बात छोड़ दूँगा । कह दूं सोहबतों से, मैं …


कविता -मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा

मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा- R.S.meena Indian
मिल जाये गर रहबर ,हर बात छोड़ दूँगा ।

कह दूं सोहबतों से, मैं तेरा साथ छोड़ दूंगा ।।
अभी भी थोड़ा वक़्त बचा हैं संभल जाओ ।
वरना बच्चा भी बोलेंगा मैं तेरा दाँत तोड़ दूंगा ।।

कभी फुरसत में अपना अतीत याद करना ।
हो जाओ मुकम्मल ऐसा प्रतीत याद करना ।।
बन जाओ तुम बवंडर तो मैं हाथ जोड़ दूंगा ।
वरना बच्चा भी बोलेगा मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा ।।

रगों में जोश तो आता हैं चंद समय की खातिर ।
सारा जगत जानता हैं तुम बहुत बड़े हो शातिर ।।
वादा करलो खुद से की बुरे जज़्बात छोड़ दूंगा ।
वरना बच्चा भी बोलेगा मै तेरा दांत तोड़ दूंगा ।।

गुज़र गया अस्तित्व बदल गया अब तेरा रूप ।
कहना बुरा है मग़र सच बोलता हैं “स्वरूप” ।।
गर सुधर जाओ तो तेरी हर बात छोड़ दूंगा ।
वरना बच्चा भी बोलेगा मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा ।।

R.S.meena Indian
K.Renwal. Jaipur


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