Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

मैं चटख साँवरी….!- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

मैं चटख साँवरी….!!! मैं चटख साँवरी, श्याम रंग मेरो..!!!मैं सज के सँवर के,जो निकलूँ ,तो क्या बात..? मैं बड़ी खूबसूरत,बड़ी …


मैं चटख साँवरी….!!!

मैं चटख साँवरी....!- विजय लक्ष्मी पाण्डेय
मैं चटख साँवरी,

श्याम रंग मेरो..!!!
मैं सज के सँवर के,
जो निकलूँ ,तो क्या बात..?

मैं बड़ी खूबसूरत,
बड़ी प्यारी प्यारी,
मैं इतराऊँ इठलाऊँ,
शरमाऊँ, तो क्या बात…?

मैं नखरीली बदरी,
घटाएं सुहानी,
आँखों में काजल,
लगा लूँ, तो क्या बात..?

बैरी हवाएँ,
ऋतुओं की रानी,
पुरुआई गीतों में,
बहकूँ, तो क्या बात..?

मनमौजी घटाएं,
बारिश का पानीं,
मैं जुल्फें भिगोकर
झटक दूँ, तो क्या बात…?

मैं सन्ध्या सुहानी,
गोधूलि की बेला,
आँचल जो धानीं,
लहरा दूँ, तो क्या बात…?

मैं तारे गगन की,
नखत बन के चमकूँ
चंदा की तारिका में,
मुस्कुराऊँ, तो क्या बात…?

मैं रजनी गन्धा,
हवाएँ बसन्ती,
सरसों के फूलों में
महकूँ, तो क्या बात…?

मैं नखरीली श्यामा,
यमुना का पानी,
मोहन की मुरली में,
गाऊँ , तो क्या बात..?

मैं चटख साँवरी,
श्याम रंग मेरो,
साँवरे के रंग में,
समाऊँ, तो क्या बात..?

मैं अलबेली श्यामा,
“विजय” की सखि,
मैं साँवरे के रंग,
रंग जाऊँ, तो क्या बात…?

विजय लक्ष्मी पाण्डेय
एम. ए., बी.एड.(हिन्दी)
स्वरचित मौलिक रचना
आजमगढ़,उत्तर प्रदेश


Related Posts

जाने किसने… | Jaane kisne…

July 20, 2023

जाने किसने… डूब रहा आकंठ आज मन, भावों के आकर्षण में। जाने किसने गंध बिखेरी, मेरे मानस दर्पण में।। यादों

इसांनियत पर कविता| insaniyat par kavita

July 20, 2023

भावनानी के भाव इसांनियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना है इसांनियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना हैबस यह

परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं

July 18, 2023

भावनानी के भाव परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहींबहन से

पानी का मूल्य और मानव | pani ke mulya aur manav par kavita

July 12, 2023

भावनानी के भाव पानी का मूल्य और मानव को समझना है पानी बचाने की ज़वाबदेही निभाना है पानी का मूल्य

देर ना हो जाये आने में |der na ho jaye aane me – prem thakker

July 12, 2023

देर ना हो जाये आने में सुनो दिकु…… अब सांसे रुक रुक कर चलती हैयह आँखें हरपल तुम्हारी याद में

नया भारत | New India

July 8, 2023

भावनानी के भाव नया भारत भारत नवाचारों का उपयोग करके ऐसी तकनीकी विकसित करता है जनता के लिए सस्ती सुगम

PreviousNext

Leave a Comment