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kishan bhavnani, poem

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

भावनानी के भाव मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है कोई नास्तिक …


भावनानी के भाव

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है
कोई नास्तिक नकारात्मक सोच कामचोर है
उसकी किस्मत ऐसी विश्वास का योग है
मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

विश्वास रखो सब योग का आधार हैं
किसी के पास माता पिता का प्यार है
कोई माता-पिता परिवार के प्यार का मोहताज है
कोई गरीब है किसी के पास धन अपार है

किसी के पास आधुनिक संसाधन अपार है
कोई एक पुराने साधन का मोहताज़ है
किसी के पास खुशियां अपार कोई दुखों
से बेजार है विश्वास रखो सब योग है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

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