Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

भावनानी के भाव मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है कोई नास्तिक …


भावनानी के भाव

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है
कोई नास्तिक नकारात्मक सोच कामचोर है
उसकी किस्मत ऐसी विश्वास का योग है
मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

विश्वास रखो सब योग का आधार हैं
किसी के पास माता पिता का प्यार है
कोई माता-पिता परिवार के प्यार का मोहताज है
कोई गरीब है किसी के पास धन अपार है

किसी के पास आधुनिक संसाधन अपार है
कोई एक पुराने साधन का मोहताज़ है
किसी के पास खुशियां अपार कोई दुखों
से बेजार है विश्वास रखो सब योग है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

कविता – फिर रात | kavita -Phir rat

September 13, 2023

 कविता – फिर रात | kavita -Phir rat सत्य एक, बीती दो रात हैये दो चांदनी, फिर कहे कोई बात

मिट्टी और पर्यावरण की रक्षा करें

September 11, 2023

आओ प्रकृति के साथी बनें आओ मिट्टी और पर्यावरण की रक्षा करें मानवीय जीवन को पर्यावरण के खतरों से बचाने

जहां प्रयत्नों की ऊंचाई ज्यादा होती है,

September 11, 2023

जहां प्रयत्नों की ऊंचाई ज्यादा होती है, वहां किस्मत को भी झुकना पड़ता है हिम्मत और कोशिशों के बल पर

भारतीय संस्कार | bharteey sanskar par kavita

September 11, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत होती है

नारी सब पर भारी हो | Naari par kavita

September 10, 2023

नारी सब पर भारी हो ! नारी हो तुमसब पर भारी होतुम किसी की बेटी बनघर की रौनक बन जाती

इंडिया बनाम भारत | India vs bharat

September 7, 2023

इंडिया बनाम भारत – भारत की बात बताता हूं भारतीय संविधान में इंडिया, दैट इज भारत का पहले से ही

PreviousNext

Leave a Comment