Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

मेरे जीवन रथ का सारथी

मेरे जीवन रथ का सारथी कुछ भी नहीं समझ आता थादुनियां के रंगों मेंकौनसा रंग था जो भाएगा या सजेगा …


मेरे जीवन रथ का सारथी

मेरे जीवन रथ का सारथी

कुछ भी नहीं समझ आता था
दुनियां के रंगों में
कौनसा रंग था जो भाएगा या सजेगा मुझ पे
नहीं अंदाज था दुनियां के राज़ का
कब कौन कैसा व्यवहार करेगा
कैसे निबटना हैं इन हजारों रंगों से
आई कई बालाएं बीन बुलाए ही
न थी हिम्मत कि उन्हें सह सकू या टाल दूं
घिरी थी उलझनों में जब
पाया मेरे करीब
उसीको जो था सारथी मेरे संसार रथ का
सभी रंगों को,मुसीबतों को, बालाओं को,उलझनों को
सहने और जुजने की
हिम्मत लिए हुए
पता न चला कब सब्र और सकून मुझे उसी से मिलने लगे
हिम्मत , हौंसला और सब्र कब साथ हो लिया
कभी सहा कभी प्रतिकार भी किया
निकल गई हर मुसीबतों से
पार कर लिया समुंदर जिंदगी का
पर………
आज हैं विलय की घड़ी के पास
सारथी मेरे ही संसार रथ का
यही हुआ होगा अर्जुन के साथ भी
जब उसके भी सारथी का विलय पंथ दिखा होगा
मैं भी शायद उसी राह से गुजर के जान गई हूं
न हो किसी के सारथी का विलय इस तरह
छोड़ के मध्य मार्ग में
न बनाएं दिशाहीन किसी के भी जीवन धारा को
प्रार्थना हैं यही कि
शक्ति देना ओ परम इस प्रयाण को सहने की

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

March 6, 2023

भावनानी के भाव मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है कोई नास्तिक

आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें

March 6, 2023

 भावनानी के भाव आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें आओ खुशी से जीने की आस कायम रखें हम 

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

March 6, 2023

भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे

आधुनिकता वरदान या अभिशाप

March 5, 2023

 आधुनिकता वरदान या अभिशाप प्रगति सब ही क्षेत्र में आवकारदाय है।प्रहलें हम पैदल या बैल गाड़ियों,घोड़ा गाड़ियों आदि में प्रवास

बच्चो की बदलती मानसिकता

March 5, 2023

बच्चो की बदलती मानसिकता ये मेरा अपना अभिप्राय है जो इतने साल गृहस्थी चलाने से और शिक्षण कार्य के दौरान

कविता एकत्व | kavita ekatatva

March 5, 2023

  एकत्व  एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी । मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी, जीवन पथ पर है

PreviousNext

Leave a Comment