Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मेरी दर्द ए कहानी

मेरी दर्द ए कहानी ना हो कभी किसी की भी मेरी तरह जिंदगानीना हो कभी किसी कीमेरी तरह आंखों में …


मेरी दर्द ए कहानी

मेरी दर्द ए कहानी
ना हो कभी किसी की भी

मेरी तरह जिंदगानी
ना हो कभी किसी की
मेरी तरह आंखों में पानी

ना हो कभी मेरी तरह फरेब
की जिंदगी में कोई निशानी
ना हो मेरी तरह हाथों में कलम
चार दीवारी में चीखों की रवानी।।

बही आज फिर दर्द-ए पुरवाई
आंखों से ओझल नींद लिखे दीवानी
दूजी महबूबा संग महके पिया
सताए ये ऋतु संग मुझे भरी जवानी।।

ना मिले किसी को पिया से फरेब
टूटे ना कोई मोहब्बत-ए दीवानी
जीतेजी मारा पिया ने ही मेरे
थमाई कलम यही मेरी कहानी।।

About author 

Veena advani

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र


Related Posts

कुर्सी का चक्कर है प्यारे .- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 8, 2021

कुर्सी का चक्कर है प्यारे …!!! गढ़नें वाले गढ़ते रहे विपक्ष -पक्ष की बातें ।कितनें पीछे छूट गए ना लिखी

डॉ. राजेंद्र प्रसाद- सुधीर श्रीवास्तव

December 8, 2021

डॉ. राजेंद्र प्रसाद जीरादेई सीवान बिहार मेंतीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में,जन्मा था एक लाल।दुनिया में चमका नाम उसका,थे वो

दोनों बातें खतरनाक हैं- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 8, 2021

 दोनों बातें खतरनाक हैं किसी परिवार का मुखियापरिवार के किसी सदस्य कीनाराजगी के डर सेचुप्पी साध लेता है जबअपने परिवार

सूनापन अखरता”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

सूनापन अखरता अकेले चुपचाप खड़ी हो ,देख रही थी,जहाँ दुनिया बसती थी । सूनापन पसरा था कमरे में,जहाँ रौनक रहती

मंथरा- सुधीर श्रीवास्तव

December 8, 2021

 मंथरा आज ही नहीं आदि से हम भले ही मंथरा को दोषी ठहराते, पापी मानते हैं पर जरा सोचिये कि

मन- डॉ.इन्दु कुमारी

December 8, 2021

 मन रे मन तू चंचल घोड़ासरपट दौड़ लगाता हैलगाम धरी नहीं कसकेत्राहि त्राहि मचाने वाली जीवन की जो हरियालीपैरों तले

Leave a Comment