Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

मेरा एक सवाल- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

मेरा एक सवाल…!!! पढ़े लिखे काका भैया से,मेरा एक सवाल।माँ -बहनों की गाली से ,कब होगा देश आजाद.?? अरे ! …


मेरा एक सवाल…!!!

मेरा एक सवाल-  विजय लक्ष्मी पाण्डेय

पढ़े लिखे काका भैया से,
मेरा एक सवाल।
माँ -बहनों की गाली से ,
कब होगा देश आजाद.??

अरे ! देश के दुर्योधन,
कुछ तो सीखो दुर्योधन से।
नहीं बचा पाई गांधारी,
आहत कृष्णा के कसमों से।।

ग्रह नक्षत्र जोड़ तोड़ कर,
करते गुणा गणित दिन रात।
किसकी किसकी बेटी-रोटी,
करनीं है इस बार ।।

माँ बहनों से हटकर बोलो,
पौरुष से पौरुष को जोड़ो ।
पहले खुद को खुद से तौलो,
पानीं सेअपना मुँह धो लो।।

कुछ तो शर्म करो बेजारों,
सुनों दिशा हिन मति मारों ।
बात बात में माँ बहनों को।
क्यों लाते लाचारों।।

काहे की खुद्दारी तेरी ,
कैसी नीति तुम्हारी खास।
सब कुछ माँ बहनों के पास,
फिर कैसे तू पुरुष प्रधान.??

सुनो देश के पहरे दारों ,
पहले एक “विजय”तो दे।
माँ बहनों से नजर हटाकर,
उनको एक वसन तो दे ।।

पढ़े लिखे काका भैया से ,
मेरा एक सवाल।
माँ बहनों की गाली से ,
कब होगा देश आजाद.???

विजय लक्ष्मी पाण्डेय
एम. ए., बी.एड.(हिन्दी)
स्वरचित मौलिक रचना
आजमगढ़,उत्तर प्रदेश


Related Posts

ये ना सोचो/ye na socho

November 5, 2022

ये ना सोचो कशमोकश मे उलझी मेरी जवानी हैलोग कहते वीणा कलम कि दीवानी है।। हालाते मंज़रों ने जज़्बात लिखना

कविता-मानगढ़ धाम की गौरव गाथा/mangarh dham ki Gaurav yatra

November 5, 2022

आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम जनजातीय नायकों को याद करने

कविता-विकास के नाम से सुना था/vikas ke nam se soona tha

November 5, 2022

कविता-विकास के नाम से सुना था विकास के नाम से सुना था पर उसका भी दामन खाली हैकिसे सुनाऊं अपनी

कविता-हम जनता सबके मालिक हैं/hum janta sabke malik hai

November 5, 2022

कविता-हम जनता सबके मालिक हैं सरकार कानून सब साथ देंगे बस हमें कदम बढ़ाना हैहम जनता सबके मालिक हैं यह

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है/ muskan me mithas ki parchhai hai

November 1, 2022

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है मुस्कान में मिठास की परछाई है इस कला में अंधकारों में भी भरपूर खुशहाली

वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल /varno se shabdon ka bramjal

October 31, 2022

 वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल  वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख कलम संग दुनिया भटक ही जाती है तिलस्मी

PreviousNext

Leave a Comment