Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

मुहब्बत जालिम – डॉ इंदु कुमारी

मुहब्बत जालिम किसी की नहीं होती हैजालिम मुहब्बत ये हैबड़ी मगरुर होती हैबड़ी मशहूर होती है बाँधो चाहे पैरों में …


मुहब्बत जालिम

मुहब्बत जालिम - डॉ इंदु कुमारी
किसी की नहीं होती है
जालिम मुहब्बत ये है
बड़ी मगरुर होती है
बड़ी मशहूर होती है

बाँधो चाहे पैरों में डोरी
या दीवारों में चुनवा दो
ये दिल क्या चीज होती है
नैनो की झनकार होती है

बैठ दिल के झरोखे पर
चुनौती स्वीकार करती है
जो भागे सदा इनसे तो
पल्लू थाम ही लेते हैं

जो मिले ना मिले तो क्या
इश्क़ की जाम पी लेते हैं
एक तरफा भी हो तो क्या
चाहे गुमनामी में बदल जाए

ये रब की ईबादत है कि
सच्चे इश्क़ की शहादत है
चाँद दिल के दरिया में
सदा विराजमान होते हैं
इश्क़ दिल के है नूर है
चाहत मशहूर होते हैं ।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

हजार है!/hazar hai

August 5, 2022

 हजार है! मोहब्बत की तलाश है, गम देने वाले हजार है! सच्चाई की तलाश है, झूठ बोलने वाले हजार है!

PreviousNext

Leave a Comment