Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!

मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!! मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर! हमेशा ऐसे हंसते मुस्कुराते रहो कि आपको देखकर …


मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!!

मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!
मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!

हमेशा ऐसे हंसते मुस्कुराते रहो कि आपको देखकर लोग कहें वह देखो! जिंदगी कितनी खूबसूरत है!!

मनोभाव से मुस्कुराना, हंसना स्वस्थ जिंदगी का मंत्र – मुस्कान की दूसरों के दिलों पर राज करने में अहम भूमिका! – एड किशन भावनानी

गोंदिया – कुदरत नें इस ख़ूबसूरत सृष्टि रूपी कायनात में एक खूबसूरत प्राणी मनुष्य की रचना कर 84 लाख़ जीवों से अलग एक विशेष कलाकृति बुद्धि का सृजन मानव शरीर में समाहित किया ताकि उस के बल पर अन्य जीवों से अति उत्तम जीव बन कर रहे! वैसे तो मानव शरीर की संरचना के अंग हर दूसरे प्राणियों में भी होते हैं पर बुद्धि अपेक्षाकृत सर्वश्रेष्ठ होती है! जिसका उपयोग हम सकारात्मकता से अपने अपने क्षेत्रों और अपने शरीर को स्वस्थ, निरोगी काया बनाने में करने की विचारधारा को रेखांकित करना होगा!

साथियों बात अगर हम अपने शरीर के स्वस्थ एवं निरोगी रखने की करें तो उसके अनेक तरीकों में से एक हंसना और मुस्कुराना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है जिसका उपयोग करने से हमारे स्वास्थ्य पर बहुत अधिक फायदा होता है यह स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा भी कहा गया है परंतु वह हंसना मुस्कुराना असली होना चाहिए! इसीलिए बड़ों की तुलना में बच्चे ज़्यादा ख़ुश रहते है, ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हम मुस्कुराना भूल जाते हैं। बच्चे हम बड़ों की तुलना में 10 गुना ज़्यादा मुस्कुराते हैं। आमतौर पर बच्चे एक दिन में करीब 400 बाद मुस्कुराते और हँसते हैं, वहीं हम एडल्ट लोग सिर्फ़ 40 से 50 बार ही मुस्कुराते हैं?

असली मुस्कान में आंखों के नीचे की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं। जबकि झूठी स्माइल हमारे होंठों के आसपास की मांसपेशियों के इस्तेमाल से ही आती है। जब स्माइल असली होती है, हमारे दिमाग में न्यूरोनल सिग्नल्स चेहरे की मसल्स को एक्टिवेट कर देते हैं। असली मुस्कान में हमारा दिमाग हमारे चेहरे को बताता है कि हमें मुस्कुराना है।

साथियों बात अगर हम मुस्कान और हंसी की करें तो, मुस्कान एक चेहरे की अभिव्यक्ति है जो तब होती है जब हम खुश और प्रसन्न होते हैं, लेकिन मुस्कान की शक्ति हमारे विचार से कहीं अधिक मजबूत होती है। यह न केवल हमारे स्वास्थ्य और कल्याण को लाभ पहुंचाता है, बल्कि यह हमारे आस-पास के लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। कहावत सच है – मुस्कान वास्तव में संक्रामक होती है । एक मुस्कान बहुत आगे तक जा सकती है और यह हमारे सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव डालती है। हम अधिक मिलनसार, हो जाते हैं और लोग हमारे आस-पास सहज महसूस करते हैं।

मुस्कुराना कोई कठिन कार्य नहीं है, परंतु फिर भी हमको कम ही लोग ऐसे दिखेंगे जो हर वक्त खुश दिखते हैं या मुस्कुराते रहते हैं, ये वो लोग है जिनके अंदर खुशी का संचार चौबीस घंटे ही बना रहता है, जिनको तनाव वाली स्थितियां अपनी ओर आकर्षित नहीं कर पाती, क्योंकि खुशी उनके व्यक्तित्व का एक अहम हिस्सा बन जाती है जिसको बदलना इतना आसान नहीं, ऐसे व्यक्तित्व के आस पास भी हम रहेंगे तो खुशी ही महसूस करते हैं।

साथियों बात अगर हम मुस्कान को जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर होने की करें तो, मुस्कुराने से हमारी मांसपेशियों को शांत करने में मदद मिलती है और हमको आराम का एहसास होता है। एक मुस्कान चिंता से बचने में मदद कर सकती है और इसलिए हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकती है। एक मुस्कान एंडोर्फिन जारी करती है और मानसिक परिश्रम को बढ़ाती है। यह तनाव को कम करता है और हमारे दिमाग को सकारात्मक दृष्टिकोण की ओर ले जाता है। एक खुश चेहरा उदास और सुस्त चेहरे की तुलना में उज्जवल और छोटा दिखता है। अध्ययनों से पता चलता है कि मुस्कुराहट मुंह और होंठोंके आसपास की मांसपेशियों को प्रशिक्षित करती है और उन्हें झुर्रीदार होने और झुर्रियों से बचाती है।

साथियों बात अगर हम मुस्कुराने हंसने में स्वास्थ्य लाभों की करे तो,

(1)तनाव को दूर करने में जो काम हंसी करती है वो कोई दवाई नहीं कर सकती। दरअसल, हंसने से हम लोगों के साथ ज्यादा सोशली एक्टिव हो जाते हैं, जिससे हमारा तनाव खुद ही कम हो जाता है।

(2)जब हम हंसते हैं तो हमारे फेफड़ों से हवा तेजी से निकलती है, जिस वजह से हमें गहरी सांस लेने में मदद मिलती है, इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर तरीके से होती है, साथ ही हंसने से हमें एनर्जी भी मिलती है, जो हमारे शरीर से थकावट और सुस्ती को दूर करती है।

(3) मुस्कुराने का सरल कार्य हमारे मस्तिष्क को एक संकेत भेजता है कि आप अच्छा महसूस करते हैं, और यदि हम अक्सर मुस्कुराते हैं , तो हमारा मस्तिष्क नकारात्मक विचारों के विपरीत सकारात्मक विचारों का एक पैटर्न तैयार करेगा

(4) उत्पादकताा और रचनात्मकता को बढ़ाता है मुस्कुराने से एंडोर्फिन निकलता है, और इसी तरह जब उन्हें कसरत के दौरान छोड़ा जाता है, तो इस रिलीज के परिणामस्वरूप अधिक कुशल कार्य दर और उत्तेजित मस्तिष्क गतिविधि हो सकती है।

(5) शोधकर्ताओं ने पाया कि मुस्कुराते हुए कई कार्यों को करते हुए हृदय गति और रक्तचाप में कमी आई है, यह दर्शाता है कि एक व्यक्ति अधिक आराम से है।

(6)तनाव कम करता है अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग मुस्कुराते हैं वे तनावपूर्ण स्थितियों से अधिक तेज़ी से उबरने में सक्षम होते हैं। दिन भर में कई बार एक वास्तविक मुस्कान दिखाना अवास्तविक लग सकता है, लेकिन इसे नकली बनाने से वही परिणाम मिलते हैं।

(7)वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया है कि मुस्कुराहट प्रतिरक्षा को मजबूत करती है क्योंकि यह आपके शरीर को तनाव को दूर करने की अनुमति देती है, जिससे कोशिकाएं कठोरता को छोड़ देती हैं और हमको बीमारी से लड़ने में अधिक सक्षम बनाती हैं।

साथियों बात अगर हम स्वयं को ख़ुश रख कर मुस्कुराने की कला की करें तो, जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हम परिस्थितियों को कैसे देखते और प्रतिक्रिया करते हैं। विषाक्तता से दूर रहने की कोशिश करें और अपने मन में सकारात्मक विचारों को पनपने दें। हम ऐसे लोगों के साथ रहें जो हमको अच्छा करने के लिए प्रेरित करते हैं। जरूरतमंदों की मदद करें। जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को समझने और उनकी सराहना करने के लिए किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना जरूरी है। अपनी अजीब हड्डी को जीवित रखें। एक चुटकुला, एक मज़ेदार पहेली या यहाँ तक कि एक मज़ाक भी कुछ ही सेकंड में आपके मूड को ऊपर उठाने में मदद कर सकता है। इसलिए दुनियाकी अद्भुत खुशियों का आनंद लें, विविधताओं में रहें, इसकी सुंदरता की सराहना करें और जहां भी जाएं, मुस्कान बिखेरना याद रखें।इस आर्टिकल में लेकर मीडिया की सहायता ली गई है।

साथियों हमारी एक छोटी सी मुस्कान दूसरों को खुशी का एहसास करा सकती है और यह खुद के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। जिस तरह अच्छी हवा, अच्छा खानपान सेहतमंद रहने के लिए जरूरी होता है, उसी प्रकार हमारी हंसी हमको स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है। अगर हमर सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई भी बीमारी, चाहे मानसिक हो या शारीरिक हमारे पास भी नहीं आएगी। हेल्थ एक्पर्ट के मुताबिक, रोजाना हंसने से सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ ही इससे शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि हसना मुस्कुराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर है। हमेशा ऐसे हंसते मुस्कुराते रहो कि आपको देखकर लोग कहें वह देखो! जिंदगी कितनी खूबसूरत है!! मनोभाव से मुस्कुराना हंसना स्वस्थ जिंदगी का मंत्र है। मुस्कान की दूसरों के दिलों पर राज करने में अहम भूमिका है।

किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

महिला सशक्तिकरण -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

महिला सशक्तिकरण महिला सशक्तिकरण तब है जब महिलाओं को अपने निर्णय लेने की स्वतंत्रता हो। उनके लिए क्या सही है

अलविदा 2021-जयश्री बिरमी

December 27, 2021

अलविदा 2021 एक बुरे स्वप्न की समाप्ति सा लग रहा हैं इस वर्ष का समाप्त होना।और मन थोड़ा आहत भी

कौवों की जमात- जयश्री बिरमी

December 27, 2021

 कौवों की जमात  एक वीडियो देखा था,एक ताकतवर मुर्गा एक कौए पर  चढ़ बैठा था और उसको अपनी चोंच से 

हमारे पवित्र सोलह संस्कार- जयश्री बिरमी

December 27, 2021

हमारे पवित्र सोलह संस्कार हिंदू धर्म कोई व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित धर्म नहीं हैं,ये प्राचीन काल से आस्थाएं और ऋषि

विश्वविख्यात विलियम शेक्सपियर-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 23, 2021

विश्वविख्यात साहित्यकार विलियम शेक्सपियर विलियम शेक्सपियर यकीनन सभी समय के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक है। उन्होंने 38 नाटकों,

रिश्तों की कद्र- अनीता शर्मा

December 22, 2021

 एक चिन्तन!!   * रिश्तों की कद्र* मैंने पिछले दिनों फेसबुक पर एक फोटो देखी जिसमें पिछले साल किसी कार्यक्रम में

Leave a Comment