Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian

 कविता   “मुर्दा कौन” मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं। मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।। मुर्दा वो नहीं जो …


 कविता   “मुर्दा कौन”

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian
मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं।

मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।।

मुर्दा वो नहीं जो सुनता नहीं।
मुर्दा वो हैं जो शांति चाहता नहीं ।।

मुर्दा वो नहीं जो आंखे खोल सकता नहीं।
मुर्दा वो हैं जो प्रेम की भाषा बोल सकता नहीं ।।

मुर्दा वो नहीं जो कभी हिल डोल सकता नहीं ।
मुर्दा वो हैं जो स्वार्थ बिना ,बोल सकता नहीं ।।

मुर्दा वो नहीं जो अर्थी पे लेटा हुआ है।
मुर्दा वो है जो खामोश बैठा हुआ है ।।

मुर्दा वो भी नहीं जो सबकुछ बेच रहा है।
मुर्दा वो हैं जो नफ़रत की दीवार खेच रहा हैं ।।

ये पूछता “स्वरूप” हैं की असली मुर्दा कौन है।
वो जो अपनी सत्ता की खातिर बैठा हुआ मौन हैं ।।

R.S.meena Indian


Related Posts

माँ का आँचल- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -माँ का आँचल माँ एक बार फिर से मुझको,आँचल ओढ़ के सो जाने देबचपन की यादें ताज़ा हो जाएँ

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं दुनिया में लोगों ने पहलेअपनी – अपनी आस्था के अनुसारमंदिर, मस्जिद, गिरजे, गुरुद्वारेऔर भी नाना

शीत लहर – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

शीत लहर है बड़ी शबाब परहाड़ कंपाने वालीअमीरों की कुछ नहै बिगाड़ने वालीगरीबों की झोपड़ीमें सनसनी फैलानेधाक जमाने वालीआहत करने

चाँद और मैं- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

चाँद और मैं अमावस की काली रातों मेंउलझी हुई कई बातों मेंन पूछ! किस तरहा रहते हैंचाँद और मैं एक

अंजान राहें!- अनिता शर्मा

January 25, 2022

अंजान राहें!! है अंजान राहें थमती नहींनित नये रास्ते मिलते ही जायें।जीवन डगर पर मुस्कान बिखेरीबढ़ते चले हैं बाधाओं से

स्वतंत्रत विचार- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

स्वतंत्रत विचार एक टूटता हुआ तारा!!असमान में बिखरे तारेकितने सुन्दर कितने प्यारे। अपलक रोज निहारा करतीसहसा टूटा एक तारा…अनायास ही

Leave a Comment