Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian

 कविता   “मुर्दा कौन” मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं। मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।। मुर्दा वो नहीं जो …


 कविता   “मुर्दा कौन”

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian
मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं।

मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।।

मुर्दा वो नहीं जो सुनता नहीं।
मुर्दा वो हैं जो शांति चाहता नहीं ।।

मुर्दा वो नहीं जो आंखे खोल सकता नहीं।
मुर्दा वो हैं जो प्रेम की भाषा बोल सकता नहीं ।।

मुर्दा वो नहीं जो कभी हिल डोल सकता नहीं ।
मुर्दा वो हैं जो स्वार्थ बिना ,बोल सकता नहीं ।।

मुर्दा वो नहीं जो अर्थी पे लेटा हुआ है।
मुर्दा वो है जो खामोश बैठा हुआ है ।।

मुर्दा वो भी नहीं जो सबकुछ बेच रहा है।
मुर्दा वो हैं जो नफ़रत की दीवार खेच रहा हैं ।।

ये पूछता “स्वरूप” हैं की असली मुर्दा कौन है।
वो जो अपनी सत्ता की खातिर बैठा हुआ मौन हैं ।।

R.S.meena Indian


Related Posts

यादों का सिलसिला- डॉ इंदु कुमारी

February 3, 2022

यादों का सिलसिला तेरी हसीन यादों का सिलसिला अमिट है धूमिल नहीं होने वाली प्रेम पौधे उगाने वालीदमकती चेहरे की

नी बखत री बात-मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ “

February 3, 2022

नी बखत री बात धोरां री आ ” धरती , धीरज री धरा सांतरी । सोनै सी गोरी बाळू रेत

तू ही तू है- नाचीज़ बीकानेरी “

February 3, 2022

तू ही -तू है जमीं से फलक तक तू ही -तू है । दिल की धड़कनों में तू ही –

सूरज दादा- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से-विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से ऊँचा हो गया कद लोगों का जमीन सेसुना है जमीनें बंजर पड़ी

मेरे यार फेसबुकिए-सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 3, 2022

मेरे यार फेसबुकिए मेरे यार फेसबुकिए बता दो इस समय तुम हो कहाँमैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँयहाँ -वहाँ न जाने

Leave a Comment