मुबारक हो नया साल
ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो।
फ़िर वही जी जंजाल मुबारक हो।
दिनोरात अच्छे खयाल मुबारक हो।
मुफलिसी और मलाल मुबारक हो।
कमाई हराम और हलाल मुबारक हो ।
ज्म्हुरियत के लिए सवाल मुबारक हो।
दोस्तों कुदरत का कमाल मुबारक हो।
मुबारक हो नया साल लो फ़िर से नया साल मुबारक हो ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो। बस चंद रोज की …
ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो।
February 7, 2023
कविता मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप धर्म ग्रंथों और पुराणों में मां लक्ष्मी के अष्ट स्वरूपों का वर्णन है
February 5, 2023
भावनानी के भाव एक नया भारत बनाना है इसानियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना हैबस यह बातें दिल में
February 4, 2023
कसम कोई कहे कसम मुझे,कोई कहता हैं वादा।कोई कहता मुझे वचन,पर न हर कोई, मुझे निभाता।मैं प्रण हूँ,मैं हूँ शपथ।मैं
February 1, 2023
भावनानी के भाव भ्रष्टाचार की काट सख़्त जवाबदेही हर प्रशासकीय पद की सख़्त ज़वाबदेही व्यवहारिक रूप से ज़रूरी है कागजों
February 1, 2023
मिलावट महंगाई ने जन्म दिया मुझको,जमाखोरी ने दी पहचान।भ्रष्टाचार की हूँ लाड़ली मैं,मिलावट है मेरा नाम।खरे को खरा न रहने
January 30, 2023
मेरी बात मेरे जज़्बात क्रोध पंच विकारों में एक क्रोध से,मानव दानव बन जाता है।सुधबुध, विवेक सब खो देता,पाप कई