Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

मिलावट पर कविता | milawat par kavita

मिलावट महंगाई ने जन्म दिया मुझको,जमाखोरी ने दी पहचान।भ्रष्टाचार की हूँ लाड़ली मैं,मिलावट है मेरा नाम।खरे को खरा न रहने …


मिलावट

महंगाई ने जन्म दिया मुझको,
जमाखोरी ने दी पहचान।
भ्रष्टाचार की हूँ लाड़ली मैं,
मिलावट है मेरा नाम।
खरे को खरा न रहने दूँ मैं,
गर पास जो उसके आ जाऊं।
शुद्धता से हैं बैर जो मेरा,
बस उसको मैं मिटाना चाहूँ।
व्यापारियों से गोद लिया प्रेम से मुझे,
पलकों पर अपनी बिठाया।
मुनाफा जो स्वप्न बन गया था,
मेरे पास होने से खूब कमाया
कहीं अनाज में कंकड़,
कहीं दूध में पानी।
मिर्च में चूरा ईंट का तो,
प्लास्टिक मिले चावल की,
सभी जानते हैं कहानी।
मेरा वर्चस्व केवल, यहाँ तक न सिमित,
मैं मिलावट तो मानव, तुझमें भी हूँ भरमाई।
कभी व्यक्तित्व में मैं, बनती आवरण तेरा,
कभी हृदय में बन, कुटिलता मैं समायी।

About author

नंदिनी लहेजा | Nandini laheja

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित

Related Posts

सत्यनिष्ठा का भाव | satyanishtha ka bhav

April 3, 2023

सत्यनिष्ठा का भाव भारत की संस्कृति व मिट्टी में ही है सत्यनिष्ठा का भाव तभी तो सत्यनिष्ठा से आत्मनिर्भरता अभियान

मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी

April 3, 2023

 मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी गंगा उत्सव मनाने को अब  राष्ट्रव्यापी नदी उत्सव बनाएंगे  मां गंगे की पीड़ा

महावीर जन्म कल्याणक (महावीर जयंती)| mahavir jayanti

April 3, 2023

महावीर जन्म कल्याणक (महावीर जयंती) निरख निरख के रूप तुम्हारा “महावीर “दिल भरता ही नहीं, तेरे चरणों से उठकर जाने

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

April 3, 2023

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे आजादी के अमृत

महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं

March 28, 2023

भावनानी के भाव महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं घर की चौखट चहकती है बच्चे जब हंसते हैं महकता

बिना आवाज़ की लाठी मारी किया था भ्रष्टाचार

March 28, 2023

 भावनानी के भाव बिना आवाज़ की लाठी मारी किया था भ्रष्टाचार धन रहेगा नहीं दुखी करके निकलेगा यह भ्रष्टाचार  बच्चे

PreviousNext

Leave a Comment