Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

मानसिक स्वास्थ्य के सिद्धांत।

मानसिक स्वास्थ्य के सिद्धांत। pic credit – freepik.com हमेशा कुछ न कुछ नया सिखिए, स्वास्थ्य और शरीर का पूर्ण रूप …


मानसिक स्वास्थ्य के सिद्धांत।

मानसिक स्वास्थ्य के सिद्धांत।
pic credit – freepik.com
हमेशा कुछ न कुछ नया सिखिए,

स्वास्थ्य और शरीर का पूर्ण रूप से ध्यान रखिये,
सकारात्मक लोगो के साथ ज्यादा वक्त बिताइए ,
दूसरो की सहायता जितनी हो सके करते चले जाइए।

शांत रहे, सिमरन या प्राणायाम ज़रुर किजिये,
ज़रुरत पढ़ने पर अपनों से मदद भी लिजिये,
ज़्यादा से ज़्यदा हसिये, खिलखिलाइये और मुस्कुराये,
लोगो की कमी को नज़र अंदाज़ करते चले जाइए।

सभी की अच्छी आदतो को अपनाइए,
सबको अच्छे कामों के लिए प्रोत्सहित किजिये,
और स्वयं भी अच्छे काम करते चले जाइए,
शारीरिक गतिविधियां, खेलकूद को भी 

अपने दिनचरिया का हिस्सा बनाइए।

अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ रखिए,
इंसानियत को स्वयं के अंदर संपूर्ण रूप से जगाइए,
सबसे प्रेम किजिये और स्वयं को भी प्रेम देते चले जाइए,
सचाई, अच्छाई, बहादुरी, निडरता को अपने जीवन में लाइए।

About author 

Dr madhvi borse
डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

शुक्रिया- नाचीज बीकानेरी

April 18, 2022

शुक्रिया शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया । तूने जो हमें इंसान बनाया ।। तेरी तारीफ कैसे करूँ । अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।।

हाल -ए-दिल- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी

April 18, 2022

हाल -ए-दिल खुशियों के फूल सदा खिलते रहें ।इंसानियत के कदम भी बढाते रहें ।।जमाने के हर दौर से गुजर

श्रीराम-सिद्धार्थ गोरखपुरी

April 18, 2022

श्रीराम चैत्र शुक्ल नवमी तिथि परश्रीराम धरा पर आए थेअवधपुरी में इस तिथि परखुशियों के बादल छाए थेपुरुषो में पुरुषोत्तम

नव वर्ष सुहानी- डॉ.इन्दु कुमारी

April 18, 2022

नव वर्ष सुहानी आम्र मंजरों से से लदे हुए फल फूलों से सजे हुएकली कुसुम मुस्कान भरे हैंकोयल सुर में

ईर्ष्या तू ना गई – डॉ. इन्दु कुमारी

April 18, 2022

ईर्ष्या तू ना गई देखकर लोगों की सुख-सुविधा जल रही तू खूब जलन सेअपनी दुख की चिंता नहीं हैदूसरों के

कर्म महान है – डॉ. इन्दु कुमारी

April 18, 2022

कर्म महान है बच्चे भगवान हैं शिक्षा हमारी आधार हैगुणवत्तापूर्ण है विकल्प शत प्रतिशत लागू करना शिक्षकों का है संकल्पऐसा

Leave a Comment