Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Veena_advani

मानसिक प्रताड़ना का रामबाण इलाज | panacea for mental abuse

 मानसिक प्रताड़ना का रामबाण इलाज  वर्तमान की परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए और अपने आसपास के वातावरण के साथ ही …


 मानसिक प्रताड़ना का रामबाण इलाज 

मानसिक प्रताड़ना का रामबाण इलाज | panacea for mental abuse
वर्तमान की परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए और अपने आसपास के वातावरण के साथ ही कुछ सखियों के संग बात कर उनके अंतर्मन की दशा को भांपते हुए । मन में आज कुछ सवाल उठे और उन सवालों के उत्तर खोजने लगी , जब उन सवालों के उत्तर मुझे मिले तो , मुझे लगा कि यह उत्तर जो मुझे मिला है । वह एकदम सटीक उत्तर है और मेरे उत्तर को , किस प्रकार रामबाण बनाया जा सकता है पढ़िये , यह उत्तर रामबाण है सच । ये रामबाण उन लोगों के लिए है , जिन की परिस्थिति बहुत ही विषम बाधाओं से  घिरी हुई है । जिनके मन मस्तिष्क पर उनकी विषम बाधाएं प्रतिदिन मानसिक दबाव डालती रहती ।  ऐसी परिस्थिति में विषम बाधाएं इंसान को तोड़ती ही जाती है अंदर ही अंदर से । यहां तक की विषम बाधाओं के चलते लोग गलत कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला को ही समाप्त कर देते हैं । पर क्या यह सही है ? कि विषम बाधाओं का सामना करने के बजाय , अपने ही प्रभु के दिये ही इतने खूबसूरत तोहफे जिंदगी को समाप्त कर दिया जाए । मानती हूं कि विषम परिस्थितियां इंसान को अंदर से झकझोर कर रख देती है परिस्थितियों के आगे । कभी तो कुछ अच्छा होगा , कभी तो विषम परिस्थितियां हमें शक्ति से भरपूर देखकर हार जाएंगी और खुद ही विषय बाधा दम तोड़ देंगी । विषय बाधा के अंतर्गत सबसे ज्यादा जो देखा गया है वह है मानसिक रूप से प्रताड़ित करना कई लोगों को देखा गया है कि अगर कोई परेशान है तो उसके मन मस्तिष्क पर और ज्यादा प्रहार करते हुए उसको प्रताड़ित करना इस मानसिक प्रताड़ना के अंतर्गत पुरुष हो या स्त्री वर्ग कोई भी आ सकता है आजकल तो एक व्यापारी ही दूसरे व्यापारी को नीचा दिखाने के लिए किसी न किसी प्रकार का हथकंडा अपनाते हुए मानसिक दबाव डालता रहता है सामने वाला देख कर चढ़ता रहता है उड़ता रहता है तो उसे बड़ा मजा आता और उसे और ज्यादा सताता है या अगर हम घरों की बात की करें तो हमारे घर के भीतर भी ऐसा कोई ना कोई तो इंसान होता है जिनसे हमारे वैचारिक मतभेद रहते हैं वैचारिक मतभेद होने के कारण एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को मानसिक प्रताड़ना देता ही रहता है उसे पता है कि सामने वाले की कमजोरी यह है कि यदि मैं उसे मानसिक प्रताड़ित करूंगा किसी न किसी रूप में तो वह चिढ़ेगा , जलेगा , कुढ़ेगा। सामने वाली की इसी कमजोरी को पकड़ते हुए उसे प्रतिदिन किसी न किसी रूप में जानबूझकर मानसिक प्रताड़ना देना । किसी , किसी की आदत बन जाती है । उसे बड़ा मजा आता है कि दूसरों को चिंताओं से घिरा हुआ देखें या दूसरा किसी भी तरह से आगे ना बढ़े या अपने गलत कामों पर पर्दा डालने के लिए या उसके गलत काम , यदि कोई खोल रहा है दुनिया के सामने तो उसे मानसिक प्रताड़ित कर दिन रात सताता रहता है ताकि सामने वाला कैसे ना कैसे करके बस दबा ,डरा , सहमा रहे । जिसके चलते उनकी वजह से बहुत से लोग डिप्रेशन में चले जाते हैं । जो की बहुत दुखदाई परिस्थिति है । इसी बात पर जब मैं खुद से ही सवाल कर रही थी तो मुझे इस मानसिक प्रताड़ना का रामबाण इलाज मिला । बस इतना कि इस रामबाण इलाज को अपनाना जरूरी है । यह रामबाण इलाज है आपकी हंसी , जी हां बिल्कुल सही कह रही हूं मैं यदि विश्वास नहीं तो आज़मा कर देखें । वो इलाज है आपकी हंसी यदि आप रोज हंसते रहते हैं , चाहे किसी बात पर हंसी आए ना आए , आप अंदर से कितने भी घायल हो परंतु आप जानबूझकर जोर-जोर से हंसते हैं । किसी न किसी साधारण बात को भी लेकर हंसते हैं तो इससे बड़ा घातक वार मानसिक प्रताड़ना देने वाले के ऊपर दूसरा कोई है ही नहीं । सामने वाला मतलब मानसिक प्रताड़ना देने वाला सोच में पड़ जाएगा अरे ! यह क्या यह सामने वाला इतना खुश क्यों हैं ये कैसे हो गया और वह अपने  ही सवालों के घेरे में घिरता जाएगा । वैसे तो मानसिक प्रताड़ना देना कानूनी अपराध है परंतु हमारी भारतीय संस्कृति के अंतर्गत बहुत से लोग मानसिक प्रताड़ना को जग जाहिर नहीं करते कुड़ते रहते हैं । यदि आप मानसिक प्रताड़ित होते हैं और आप जद्दोजहद में हैं कि मैं कैसे सामने वाले की चंगुल से निकलूं तो आपके लिए यही एक रामबाण इलाज है कि आप खुश रहे , आप हंसें आप टेलीविजन पर हास्य धारावाहिक देखें या अपने मोबाइल पर ही यूट्यूब में बहुत से हास्य के सोशल साइट दिए हुए हैं वीडियो देखें अपने दोस्त सखी संग समय बिताएं । यदि आप घर के भीतर मानसिक प्रताड़ित हो रहे हों तो घर के बाहर निकलना शुरू करें , देखिएगा मात्र 1 माह के भीतर मेरा बताया हुआ यह नुस्खा कैसे आपको मानसिक प्रताड़ना से बाहर निकालता है और जो सालों से आपको मानसिक प्रताड़ित कर रहा है उसे सोचने पर मजबूर कर देगा कि क्यों , कैसे , कब और क्या कारण है इसके खुश रहने का । जिसके कारण इसे मेरी किसी भी बात का कोई फर्क नहीं पड़ता , मैं कितना भी इसे सताऊं , चिढ़ा लूं यह तो बड़ा हंस रहा है या यह तो बहुत हंस रही है । यह तो बहुत खुश है वगैरह-वगैरह आइए यदि आप सभी को अपने डिप्रेशन से निकलना है इस नुस्खे को अपना तीर कमान से छोड़िये ताकी वो तीर मानसिक प्रताड़ना देने वाले को लगे और हम नहीं वो सोचे और ढूंढ़ता रहे कारण हमारे खुश रहने का । आप तो डिप्रेशन से निकल जाएंगे पर शायद आपको डिप्रेशन देने वाला ये सोच-सोच के , या आपको खुश देख-देख के जल कुड़ी के डिप्रेशन में चला जाएगा । जैसे को तैसा ।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र


Related Posts

ऑपरेशन गंगा – दुनिया के लिए एक मिसाल!!!

March 3, 2022

ऑपरेशन गंगा – दुनिया के लिए एक मिसाल!!! युद्ध भूमि में फंसे छात्रों को भारत लाने की मज़बूत रणनीति –

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा

March 3, 2022

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा!!! युद्ध मानवता के लिए बहुत बड़ी त्रासदी, इसकी मानवीय और वित्तीय कीमत चुकानी पड़ेगी

अंतर्राष्ट्रीय मंचों नाटो, यूएनओ, ईयू के रहते युद्ध!!!

February 28, 2022

अंतर्राष्ट्रीय मंचों नाटो, यूएनओ, ईयू के रहते युद्ध!!! भारत की नैतिक मनोदृष्टि का विश्व में डंका- आक्रमण रोकने यूक्रेन ने

भारतीय भाषाएं अनमोल रत्न

February 24, 2022

भारतीय भाषाएं अनमोल रत्न!! डिजिटल प्रौद्योगिकियों के विकास ने हमें अपनी भाषाओं और संस्कृति विरासत को संरक्षण और विकास के

अत्यधिक मूल्यवान है ज्ञान

February 24, 2022

अत्यधिक मूल्यवान है ज्ञान! हर्तुर्याति न गोचरं किमपि शंपुष्णाति यत्सर्वदाह्यर्थिभ्यः प्रतिपाद्यमानमनिशं प्राप्नोति वृद्धिं पराम् ।कल्पान्तेष्वपि न प्रयाति निधनं विद्याख्यमन्तर्धनयेषां तान्प्रति

विलंब स्वयं पर सितम!

February 24, 2022

विलंब स्वयं पर सितम! समय नष्ट करता रहे, समय सबसे मूल्यवान,जीवन मुश्किल हो तभी, मिले न फिर आराम ,जीवन में

Leave a Comment