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मानवता के लिए योग

 मानवता के लिए योग  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आठवें संस्करण 21 जून 2022 को यादगार बनाने तैयारियों का जबरदस्त आगाज़  75 …


 मानवता के लिए योग 

एड किशन भावनानी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आठवें संस्करण 21 जून 2022 को यादगार बनाने तैयारियों का जबरदस्त आगाज़ 

75 राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्थानों और सव दिन सव शहर सव संगठन को शामिल कर 25 वें दिन की उल्टी गिनती मनाना सराहनीय – एड किशन भावनानी

गोंदिया – स्वास्थ्य ही धन है, स्वस्थ माहौल स्वस्थ लोगों को बनाता है, अगर हिट रहना है तो फिट रहना होगा, योग से करो खुद को निरोग, जब रखोगे शरीर का ध्यान तभी कर सकोगे सारे काम, देश में नागरिक स्वास्थ्य हैं तो देश स्वास्थ्य इत्यादि अनेक वाक्यांश या कहावतें हमने अपने पूर्वजों, बड़े बुजुर्गों, बुद्धिजीवियों से सुने होंगे परंतु इन विचारों पर चलकर अपना शरीर स्वस्थ रखकर मंजिल को पाना अपेक्षाकृत कम लोग करते हैं!! 

इसलिए मानवीय जीव को स्वस्थ रखने अंतरराष्ट्रीय स्तरपर सामायिक संगठनों, विभिन्न मंचों, देशों द्वारा स्वस्थ रहने के लिए अनेक दिवस और कार्यक्रम मनाए जातेहैं ताकि मानव अपने शारीरिक देखभाल और स्वास्थ्य के प्रति सजग होकर सतर्कता से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें इसी कड़ी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है।जैसा कि हम जानते हैं कि योग एक ऐसा अभ्यास है जो भीतर से आनंद, स्वास्थ्य और शांति लाता है और यह व्यक्ति की आंतरिक चेतना तथा बाहरी दुनिया के बीच निरंतर संबंध की भावना को गहराई प्रदान करता है। 

साथियों बात अगर हमअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास की करें तो यह विशेष उल्लेखनीय है कि, यह जो 21 जून को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है और पहली बार यह 2015 में 21 जून को मनाया गया था, इसकी पहल भारत के वर्तमान पीएम ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी और इसी वजह से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया!! 

संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को 11 दिसम्बर 2014 को मंजूरी मिली थी।संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष सैम के कुटेसा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की और 170 से अधिक देशों ने इस योग दिवस के प्रस्ताव का समर्थन किया था, जिससे यह सामने आया कि लोग भी जानते हैं, की योग के कई लाभ है जिनमें से कुछ दृश्य और कुछ अदृश्य होते है। 

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम ने कहा था, योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है, यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है। विचार और कार्य, संयम और पूर्ति, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए समग्र दृष्टिकोण पैदा करता है। यह अभ्यास के बारे में नहीं है बल्कि अपने आप, दुनिया और प्रकृति के साथ एकता की भावना को खोजने के लिए है। हमारी जीवनशैली बदलकर और चेतना पैदा करके, यह जलवायु परिवर्तन से निपटने में हमारी मदद कर सकता है। आइये हम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने की दिशा में काम करें। 

साथियों बात अगर हम इस वर्ष 2022 में 8 वें संस्करण को 21 जून 2022 को मनाने की करें तो इसको यादगार बनाने के लिए तैयारियों का जबरदस्त आगाज़ शुरू है। पीआईबी के अनुसार मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के सहयोग से आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई 2022) के 8 वें संस्करण को कई कार्यक्रमों के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। 13 मार्च 2022 को 100 दिनों की उलटी गिनती को चिह्नित करने के लिए एक पूर्वावलोकन कार्यक्रम मनाया गया। 

दुनिया भर में 13 मार्च से 21 जून, 2022 तक 100 दिन, 100 शहर और 100 संगठन को शामिल करने वाले इस अभियान को शुरू किया गया। नई दिल्ली के लाल किले में 75वें दिन उलटी गिनती का कार्यक्रम आयोजित किया गया। 50 वें दिन की उलटी गिनती असम के शिवसागर में मनाई गई और 25वें दिन की उलटी गिनती तेलंगाना के हैदराबाद में मनाई गई। 

साथियों बात अगर हम पीएम द्वारा दिनांक 29 मई 2022 को मन की बात में योग दिवस उत्साह के साथ मनाने के लिए किए गए आग्रह की करें तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने कहा, मेरे प्यारे देशवासियो, अगले महीने 21 जून को, हम 8 वाँ अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने वाले हैं। इस बार योग दिवस की थीम है –मानवता के लिए योग, मैं आप सभी से योग दिवस को बहुत ही उत्साह के साथ मनाने का आग्रह करूँगा। 

हाँ! कोरोना से जुड़ी सावधानियां भी बरतें, वैसे अब तो पूरी दुनिया में कोरोना को लेकर हालात पहले से कुछ बेहतर लग रहे हैं, अधिक-से-अधिक वैक्सीनेशन कवरेज की वजह से अब लोग पहले से कहीं ज्यादा बाहर भी निकल रहे हैं,इसलिए, पूरी दुनिया में योग दिवस को लेकर काफी तैयारियाँ भी देखने को मिल रही हैं I कोरोना महामारी ने हम सभी को यह एहसास भी कराया है, कि हमारे जीवन में, स्वास्थ्य का, कितना अधिक महत्व है, और योग, इसमें कितना बड़ा माध्यम है, लोग यह महसूस कर रहे हैं कि योग से शारीरिक आध्यात्मिक और कुछल बौद्धिक कल्याण को भी कितना बढ़ावा मिलता है। 

विश्व के शीर्ष व्यापार व्यक्तित्व से लेकर सिनेमा और खेलों के व्यक्तित्वों तक, छात्रों छात्राओं से लेकर सामान्य मानवी तक, सभी, योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बना रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है, कि दुनिया भर में योग की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर आप सभी को बहुत अच्छा लगता होगा। 

साथियो, इस बार देश-विदेश में योग दिवस पर होने वाले कुछ बेहद इनोवेटिव उदाहरणों के बारे में मुझे जानकारी मिली है, कई चीज़ें पहली बार देखने को मिलेंगी, उनमें से गार्जियन रिंग नामक एक अभिनव कार्यक्रम है, जो सूर्य की गति को प्रदर्शित करेगा, योग करने वाले लोगों की भागीदारी विभिन्न देशों में, पूर्व से शुरू होकर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए सूर्य की गति के साथ होगी। यह एक अद्भुत रिले योग स्ट्रीमिंग कार्यक्रम होगा जिसका दूरदर्शन के चैनलों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।

अलग-अलग देशों में भारतीय मिशनस वहाँ के स्थानीय समय के मुताबिक सूर्योदय के समय योग कार्यक्रम आयोजित करेंगे। एक देश के बाद दूसरे देश से कार्यक्रम शुरू होगा। पूरब से पश्चिम तक निरंतर यात्रा चलती रहेगी, फिर ऐसे ही, ये, आगे बढ़ता रहेगा। इन कार्यक्रमों की स्ट्रीमिंग भी इसी तरह एक के बाद एक जुड़ती जायेगी, यानी, ये, एक तरह का रिले योगा स्ट्रीमिंग इवेंट होगा। आप भी इसे जरूर देखिएगा। मानवता के लिए योग पर ध्यान केंद्रित करते हुए, इस वर्ष विशेष रूप से दिव्यांग लोगों, ट्रांसजेंडर आबादी, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। स्कूलों में योग शिक्षा का एक अभिन्न अंग, मानवीय मूल्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष हमारे गांवों/ग्राम पंचायतों में भी बड़ी संख्या में भागीदारी होगी, क्योंकि सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) सामान्य योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के अभ्यास और प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं और उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 में लाखों ग्रामीण नागरिक भी भाग लेंगे।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि मानवता के लिए योग वर्ष 2022 की थीम है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आठ वें संस्कार 21 जून 2022 को यादगार बनाने तैयारियों का जबरदस्त आगाज़ शुरू है। 75 राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्थानों और सव दिन, सव शहर, सव संगठन को शामिल कर 25 वें दिन की उल्टी गिनती मनाना सराहनीय है।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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