Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

माता-पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

माता-पिता मेरे आदरणीय, प्यारे माता-पिताआपका प्रेम, मेरी जिंदगी है,आप दोनों ही, मेरी बंदगी है! आप ही मेरे माता-पिता हो, हर …


माता-पिता

माता-पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

मेरे आदरणीय, प्यारे माता-पिता
आपका प्रेम, मेरी जिंदगी है,
आप दोनों ही, मेरी बंदगी है!

आप ही मेरे माता-पिता हो, हर जन्म में,
आप की झलक हो, मेरे हर करम में!

कितना सुंदर आप दोनों को प्रकृति ने बनाया,
आपके आशीर्वाद का हो, हमेशा मुझ पर साया!

मुस्कुराते रहो आप, यही मेरी चाहत है,
आपको खुश देखकर, मेरे दिल में राहत है!

सबसे अनमोल तोहफा, आप हो मेरे लिए,
मुझे खुश रखने के लिए, आपने तो हर जतन किए!

बचपन में जब भी मैंने जिद करना शुरू किया,
जब जो भी मांगा, कैसे भी दिला दिया!

आपकी दी हुई तहजीब ने, मुझे हर एक का सम्मान करना सिखाया,
सही राह पर चलना आपने ही हमेशा समझाया!

जब भी बैठी हूं मैं आपके पास
खत्म हो जाती है जन्नत की तलाश!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सशक्त मां, सशक्त विश्व!

May 8, 2022

सशक्त मां, सशक्त विश्व! अत्यंत बुरे अनुभवों में से एक जो एक बच्चा देख सकता है, वह परिवार या समाज

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

PreviousNext

Leave a Comment