Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

मां शारदे वंदना- डॉ. इन्दु कुमारी

ओ शारदे मां ज्ञान ओ शारदे मां ज्ञान की गंगा बहा दे मांमैं हूं अज्ञानी नेह कीकृपा बरसाओ नातू ही …


ओ शारदे मां ज्ञान

मां शारदे वंदना- डॉ. इन्दु कुमारी
ओ शारदे मां ज्ञान

की गंगा बहा दे मां
मैं हूं अज्ञानी नेह की
कृपा बरसाओ ना
तू ही ज्ञान की देवी हो
आंचल की छाया देना
तेरी सूता खडी राहों में
संग-संग मुझको लगा लेना
ओ वीणा पाणी माँ
शरण में लगा लेना
शक्ति स्वरूपा हो
ज्ञान हम पर बहा देना
भारतीय कहलाती हो
जनमन पर प्यार बरसा देना
अधिष्ठात्री हो सबकी
मेहर सब पर रखना
तू संबल है मेरी
दिव्यचक्षु जीवन की
मैं आई शरण तेरी
राह दिखा जाओ माँ।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

ईमानदारी कविता -जयश्री बिरमी

February 24, 2022

ईमानदारी कहां कहां ढूंढू तुझे बता दे जराढूंढा तुझे गांव गांव और गली गलीढूंढने के लिए तुझे मैं तो शहर

नारी महिमा

February 24, 2022

नारी महिमा  चाँद की तरह शीतल है नारी।सूर्य की तरह तेजस्वी है नारी।।धरती की तरह धैर्यवान है नारी।सागर की तरह

बेटी

February 24, 2022

बेटी सावन में डाली का झूला है बेटी।उपवन में खिलता गुलाब है बेटी।उगते हुए सूर्य की लाली है बेटी।सन्ध्या में

गृहणी

February 24, 2022

गृहणी बहुत कड़वा है यह अनुभव, सोच और सच्चाई का।दोष किसका है यहां पर, केवल अपने आप का।सब को सुला

छत्रपति शिवजी महाराज

February 24, 2022

छत्रपति शिवजी महाराज छत्रपति शिवजी महाराजझुके नहीं मुगलों के आगे ,शौर्य- साहस के हैं प्रतीक।मराठा साम्राज्य की नींव बने जो,महान

इम्तिहान के पल

February 24, 2022

इम्तिहान के पल! रहना अपने लक्ष्य पर अटल,इरादे नहीं, अपने तरीके बदल,ठहरना ना, तू बस चल,पार कर ले इम्तिहान के

Leave a Comment