Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Ankur_Singh, poem

मां मुझको जन्म लेने दो | maa mujhe janm lene do

मां मुझको जन्म लेने दो मां मुझको जन्म लेने दो,खुली हवा में जीने दो।भ्रूण हत्या से बचा मुझे,गर्भ के बाहर …


मां मुझको जन्म लेने दो

मां मुझको जन्म लेने दो | maa mujhe janm lene do

मां मुझको जन्म लेने दो,
खुली हवा में जीने दो।
भ्रूण हत्या से बचा मुझे,
गर्भ के बाहर आने दो।।

कल्पना बन अंतरिक्ष को जाऊंगी,
प्रतिभा ताई बन देश चलाऊंगी।
मुझे कोख में मत मार मां,
मैं बापू की पहचान बनाऊंगी।।

भैया संग स्कूल जाऊंगी,
घर के कामों में हाथ बटाऊंगी।
घर के आँगन में चहकने वाली मैं,
दुल्हन लिबास ओढ़े ससुराल जाऊंगी।।

दो परिवारों का सम्मान है बेटी,
मुझको भी अच्छी शिक्षा देना।
जमाना क्या कहता, परवाह नहीं,
मुझे बस तेरे ममता तले है रहना।।

मत मारो मुझको मां,
दो जीने का अधिकार।
तुम भी तो एक बेटी हो,
जन्म दे मुझे कर उपकार।।

मां मुझे आज जन्म लेने दो,
अपने सपने को मुझे छू लेने दो।।
चलूंगी तेरे पद चिन्हों पर,
बस! मुझे आज जन्म ले लेने दो।।

About author 

Ankur Singh
अंकुर सिंह
हरदासीपुर, चंदवक
जौनपुर, उ. प्र.


Related Posts

दोगला व्यवहार-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

दोगला व्यवहार गायों से नहीं चाहे हमने बछड़ेऔर स्त्रियों से लड़कियां,दोनों के प्रति हमारे समाज काअघोषित सा दुराव रहा है,

मेरा प्यार आया है-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

मेरा प्यार आया है भटका हूं तेरी तलाश में बहुतमिले हो अब तो मुझमें ठहराव आया है,करने दे थोड़ा आरामअपनी

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

कलियुग का रामराज्य शालीनता भगवान राम का गुण थालेकिन उनकी धरती पर रामराज्यसोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियांबकने वाले

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

February 24, 2022

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है तुम्हारा प्रेम…मेरे लिए पुल सरीखा है,जिस पर चलकरनिकल जाता हूं मैं अक्सरखोजने प्रेम के गहनतम

करे कोई और भरे को- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

करे कोई और भरे को खूब मुनाफा कमायाजिन लोगों नेअंधाधुंध खनन करकेनदियों और पहाड़ों में,इसके कारण हुएप्रकृति के कोप से

अपनी व्यथा किसे सुनाएं

February 24, 2022

अपनी व्यथा किसे सुनाएं अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ ना आई दुखों का पहाड़ टूटा घर में वीरानी छाई

Leave a Comment