मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी
मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी गंगा उत्सव मनाने को अब राष्ट्रव्यापी नदी उत्सव बनाएंगे मां गंगे की पीड़ा …
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April 27, 2022
जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा दुनिया का दस्तूर हे ये जो जैसा करेगा वैसा भरेगाआज हसे दुनिया चाहे कल
वीणा के सुर खामोश हो रहे
April 27, 2022
वीणा के सुर खामोश हो रहे मेरी तमन्नाओं के कातिल बता तूने हमें वफा क्यों न दी।। कभी मांगा न
मेरे घर कि चौखट आज भी खुली
April 27, 2022
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काट दिए मेरी कलम के पर
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काट दिए मेरी कलम के पर तमन्ना थी कभी खुद को , मैं खूब संवारूंगीसौलह श्रंगार करके , मैं खुद
मोहब्बत ए परवाना
April 27, 2022
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