Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

महाबली हनुमंत

महाबली हनुमंत जय जय श्री हनुमंत वीरमां अंजनी के हो तुम जायेअति पराक्रमी बचपन थे तुम्हारेबना दिया सूर्य को खिलौनाराम …


महाबली हनुमंत

महाबली हनुमंत
जय जय श्री हनुमंत वीर
मां अंजनी के हो तुम जाये
अति पराक्रमी बचपन थे तुम्हारे
बना दिया सूर्य को खिलौना
राम भक्ति के हो तुम वरदान
जहां हैं राम वहां हैं तुम्हारा आह्वान
राम के द्वारे तुम रखवारे
सुख के दाता हो दुःख के हो तुम हरता
बलवान बलशाली तुम हो महाबली
महाभक्त तुम ही हम भी भक्त तुम्हारे
राम तक जाने का रास्ता तुम्हीं से जाएं
बसे हैं राम तुम्हारे हृदय में
तुम्हीं ने लछमन प्राण बचाएं
दूजा जो कोई रामजी को पाता
हम भक्त तुम्हरे हैं ओ… बलशाली महाबाहु 

हम भी तेरी ही शरण में आएं

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

जलियांवाला बाग-

May 9, 2022

 जलियांवाला बाग बैशाखी का पावन दिन तारीख तेरह अप्रैल उन्नीस सौ उन्नीस एक सभा हो रही थी रौलेट एक्ट का

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

Leave a Comment