Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

महत्वपूर्ण उत्सव, अमृत महोत्सव!

महत्वपूर्ण उत्सव, अमृत महोत्सव! सदियों की गुलामी के पश्चात,100 वर्ष के विद्रोह के बाद,हुआ हमारा देश आजाद,15 अगस्त 1947 को,हुई …


महत्वपूर्ण उत्सव, अमृत महोत्सव!

सदियों की गुलामी के पश्चात,
100 वर्ष के विद्रोह के बाद,
हुआ हमारा देश आजाद,
15 अगस्त 1947 को,
हुई इसे स्वाधीनता प्राप्त।

हुआ भारत का पूर्ण जन्म,
तोड़ दिया गुलामी का भरम,
हो गया हमारा देश स्वतंत्र,
लाल किले में झंडा फहरा कर,
नेहरू जी ने किया, आजाद देश का वर्णन।

मेरे भारत देश की जय,
75 वर्षों में किया लंबा सफर तय,
विज्ञान, खेल, तकनीक, कृषि, साहित्य,
सभी क्षेत्रों में तरक्की कर,
हो रहा है मेरा हिंदुस्तान विजय।

हर एक को बताएं स्वतंत्रता दिवस का महत्व,
इससे बड़ा ना कोई उत्सव,
करें हमारी संस्कृति और उपलब्धियों पर गौरव,
घर-घर तिरंगा फहराते हुए,
मनाए आजादी का अमृत महोत्सव।।

About author

महत्वपूर्ण उत्सव, अमृत महोत्सव!
डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

कविता– उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !

September 22, 2022

कविता- उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !  उस दिन बहुत गहमागहमी थी  जब एक हास्य कलाकार

सोच को संकुचित होने से बचाएं।

September 21, 2022

सोच को संकुचित होने से बचाएं। अपनी सोच को संकुचित ना होने दें,इस अपार समझ को कभी ना खोने दें,असीम

मेरी दर्द ए कहानी

September 19, 2022

मेरी दर्द ए कहानी ना हो कभी किसी की भी मेरी तरह जिंदगानीना हो कभी किसी कीमेरी तरह आंखों में

कविता-सहज़ता में संस्कार उगते हैं

September 17, 2022

कविता-सहज़ता में संस्कार उगते हैं अपने आपको सहज़ता से जोड़ो सहज़ता में संस्कार उगते हैं सौद्राहता प्रेम वात्सल्य पनपता है

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया

September 17, 2022

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया टेबल के नीचे पैसे लेकर परिवार बढ़ाया कितना भी समेट

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी

September 17, 2022

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी भारतीय संस्कृति में नारी लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती हैसमय आने पर मां रणचंडी दुर्गा,

PreviousNext

Leave a Comment