Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं

भावनानी के भाव महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं घर की चौखट चहकती है बच्चे जब हंसते हैं महकता …


भावनानी के भाव

महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं

महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं

घर की चौखट चहकती है बच्चे जब हंसते हैं
महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं
संस्कारवान बच्चे धन सम्मान सेवा के रस्ते हैं
बच्चों में भगवान बसते हैं

हर छल कपट दांवपेंच से दूर रहते
अबोध बच्चे खिलखिलाकर हंसते हैं
किसी के ऊपर ताने तंग नहीं कस्ते हैं
क्योंकि बच्चों में भगवान बसते हैं

बच्चे न कोई शिकायत गिले-शिकवे करते हैं
वह बेटी या बेटा हूं अनजान रहते हैं
ना किसी की बुराई ना गुणगान करते हैं
क्योंकि बच्चों में भगवान बसते हैं

नारी को मां बनने का सम्मान देते हैं
पिता के गौरव और अभिमान होते हैं
मत मारो कोख में वह एक नन्हीं सी जान है
बच्चे में समाए होते भगवान हैं

गम खुशी नहीं समझते हमेशा हंसते हैं
दिल जुबां में कुछ नहीं बस हंसते हैं
स्कूल जाते पीठ पर भारी बसते हैं
तकलीफ नहीं बताते बस हंसते हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

ऐ नदी ऐ नदी- चन्दा नीता रावत

December 15, 2021

ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदीकल कल करती बहती है किनारो पर तुम्हारे जिन्दगी बसा करती हैविशाल रूप

प्रकृति की गोदी- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 15, 2021

प्रकृति की गोदी ध्यान साधना वरदान प्रकृति की,हम शोध खोज न कर पाते हैं ,पूर्ण प्रकृति हमारी ध्यान मग्न है

एक समय था – अनीता शर्मा

December 15, 2021

एक समय था एक समय था–जब साथ सभी रहते थे। चाचा चाचाजी और बच्चे–ताऊ ताई और बच्चे। कितना बड़ा परिवार

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो – डॉ. माध्वी बोरसे

December 13, 2021

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो! अगले जनम मोहे नारी ही कीजो,दोबारा मेरे माता-पिता को, प्यारी सी बिटिया ही दीजो,फिर

ना होता मासिक धर्म, ना होता तेरा जनम- डॉ. माध्वी बोरसे

December 13, 2021

ना होता मासिक धर्म, ना होता तेरा जनम! कुदरत से दी गई चीजें, कभी खराब नहीं होती, अगर मासिक धर्म

श्रद्धांजलि-नंदिनी लहेजा

December 10, 2021

श्रद्धांजलि नम हैं हिंदुस्तान आज , जो खोया वीर सपूत।जीवन साथी संग उनके,जाबांज़ वीर भी, क्षति हुई अभूत।इक ज़लज़ला आया

Leave a Comment