Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

मशवरा- R.S.meena indian

मशवरा इशारों में मुझकों बुलाती है,मगर जाने का नही ।अपना उश्शाक बनाती हैं,उधर जाने का नही ।। इश्क़ में खो …


मशवरा

मशवरा- R.S.meena indian

इशारों में मुझकों बुलाती है,मगर जाने का नही ।
अपना उश्शाक बनाती हैं,उधर जाने का नही ।।

इश्क़ में खो जाने का ,हद से गुज़र जाने का नही।
उसे चाँद तारे भी दे दो,मगर जान देने का नही ।।

ये ग़म भरी है ज़िन्दगी, हँसने का रोने का नहीं।
मुश्किलों से करना सामना कभी हारने का नहीं ।।

फैली हैं नफ़रत, प्रेम से रहने का डरने का नहीं।
चलेगी जुल्म की आंधी ,मगर मरने का नही ।।

अरसों बाद “स्वरूप”को दावत मिली, आओगे नहीं।
पता चला खाने में था ज़हर,क्या जाओगे नहीं ।।

हाँ किया है धोखा ,मगर हार कर जाने का नही।
मर जाने का ,मगर ज़ालिम से डर जाने का नहीं।।

उश्शाक-प्रेमी अरसा-लंबा समय जालिम- दुष्ट दावत-न्योता

R.S.meena indian


Related Posts

kavita sanwr jati hai by ajay prasad

June 9, 2021

संवर जाती है धूप जब भी बर्फ़ सी पिघल जाती हैतो मजदूरों के पसीने में ढल जाती है।ठंड जब कभी

kavita sarkari aakado me by jitendra kabir

June 8, 2021

सरकारी आंकड़ों में… सरकारी आंकड़ों में दर्ज होती हैं सिर्फ मौतें, दर्ज नहीं होती लेकिन उनमें मरने वालों की तकलीफें,

kavita sakhi keh do by anita sharma

June 8, 2021

 सखी कह दो” अभिलाषा में आशा जोड़ू,सखी कह दो मैं क्या जोड़ू।इच्छाओं का अंबार समेटू,या अनुरागी पथ को चुन लूँ।

kavita- pacchim disha ka lamba intjaar by mahesh keshari

June 8, 2021

 पच्छिम दिशा का लंबा इंतजार..  मंझली काकी और सब  कामों के  तरह ही करतीं हैं, नहाने का काम और  बैठ

gazal-ateet ka geet by abhishek sudhir

June 8, 2021

 ग़ज़ल :- “अतीत का गीत” आज तुम  पर  कोई  गीत  लिखने  बैठा  हूँ  तुम्हें इस  मन  का   मीत  लिखने   बैठा   हूँ 

kavita bhavnayen barish ki by sudheer shrivastav

June 7, 2021

 भावनाएँ बारिश की ****************ये भी अजीब सी पहली हैकि बारिश की भावनाओं को तोपढ़ लेना बहुत मुश्किल नहींसमझ में भी

Leave a Comment