Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Maa, mainuddin_Kohri, poem

मदर्स डे विशेष -माँ की दुआएं

मदर्स डे विशेष माँ की दुआएं घर से सफर करने निकलना हो । माँ को जहन में रख निकला करो …


मदर्स डे विशेष
माँ की दुआएं

मई नुदीन कोहरी " नाचीज़ बीकानेरी "
घर से सफर करने निकलना हो ।

माँ को जहन में रख निकला करो ।।

विघ्न कभी ना आएंगे जिंदगी में ।
माँ की दुआएं ले विदा हुआ करो।।

माँ का साया गर हमको है नसीब ।
सोते उठते माँ की जियारत किया करो ।।

माँ को धन दौलत की नहीं है तलब ।
माँ खुश है, माँ को माँ कह पुकारा करो ।।

जन्नत तो खुद माँ के कदमों में है ।
ये मौका “नाचीज” छोड़ा ना करो ।।

मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़ बीकानेरी “
मोहल्ला कोहरियान बीकानेर 334001


Related Posts

गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन

January 7, 2022

गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे

January 7, 2022

अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा

पधारो म्हारो राजस्थान-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

पधारो म्हारो राजस्थान! जीवंत संस्कृति, रेतीली मरुस्थलीय भूमि,  ऊंट पर बैठकर सवारी,  जब ये यादे मानस पटल पर आती,रखता है

मसूरी-जन्नत सा शहर-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

मसूरी-जन्नत सा शहर! मसूरी भारत देश के उत्तराखंड राज्य का एक पर्वतीय नगर, बहुत सुहावने मौसम का अनुभव देती है

चाह-तेज देवांगन

January 7, 2022

शीर्षक – चाह हम जीत की चाह लिए,गिरते, उठते पनाह लिए,निकल पड़े है, जीत की राह में,चाहे कंटक, सूल, खार

हे नववर्ष!-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

हे नववर्ष! तुम भी दगा न करना आओ हे नववर्ष!तुम हमसे कोई दग़ा न करना बीते जैसे साल पुराने वैसी

Leave a Comment