Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

मतदान से एक भी मतदाता न छूटे

मतदान से एक भी मतदाता न छूटे भारत ने 12 वाँ राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया मतदान भागीदारी बढ़ाने के लिए …


मतदान से एक भी मतदाता न छूटे

मतदान से एक भी मतदाता न छूटे

भारत ने 12 वाँ राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया

मतदान भागीदारी बढ़ाने के लिए मतदाता को मतदान प्रमाणपत्र जारी कर रणनीतिक स्कीम पर विचार करना ज़रूरी- एड किशन भावनानी

गोंदिया – भारत दुनिया का सबसे बड़ा और मज़बूत इकलौता ऐसा लोकतंत्र है जिसकी चर्चा व तारीफ वैश्विक स्तरपर होती है, जो हर भारतीय नागरिक के लिए गर्व की बात है। हम भारत के सभी नागरिकों की यह खूबसूरती है कि हमारे हर धर्म, भाषा, मजहब, रहन-सहन, विविध वेशभूषा, रीति रिवाज, अलग -अलग होने के बावजूद अनेकता में एकता से रह रहे हैं और देश में धर्मनिरपेक्षता की संज्ञा का पूर्ण रूप से पालन करते हुए सर्वधर्म सद्भाव की भावना की नींव पड़ी हुई है।
साथियों बात अगर हम इस खूबसूरत लोकतंत्र में मतदाता का सबसे बड़ा त्यौहार राष्ट्रीय मतदाता दिवस की करें तो 25 जनवरी 2022 को हम सब ने 12 वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाए जिस के उपलक्ष में माननीय उपराष्ट्रपति व माननीय पीएम ने नमो एप पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए और भारत में मतदान प्रतिशत भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।
साथियों बात अगर आम नागरिकों के मतदान भागीदारी में प्रतिशत बढ़ाने की करें तो हमें मतदान में,,एक भी मतदाता न छूटे,,इस मंत्र पर पक्ष-विपक्ष, जनता जनार्दन सभी को राष्ट्रहित में अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाने के काम में सहयोग करना होगा। प्रत्येक नागरिक ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस पर ध्यान देना होगा कि वह स्वयं तो ज़रूर मतदान करें परंतु अपने आसपास में ऐसा माहौल उत्पन्न करें कि सभी मतदान करने के प्रति आकर्षित हो और मतदान में भाग लेने के लिए उत्साहित हों। ऐसी स्थिति उत्पन्न करना करने की ज़रूरत है कि अपने अपने निजी त्योहारों व परंपरा के तुल्य मतदान उत्सव पर मतदान कर अपने कर्तव्य का पालन करें।
साथियों बात अगर हम मतदान भागीदारी बढ़ाने के लिए मतदाता को मतदान प्रमाणपत्र जारी करने की करें तो मेरा सुझाव है कि सभी राजनैतिक दल मिलकर जनप्रतिनिधि अधिनियम, सभी राज्यों के उनके प्रदेश नियमों, कानूनों, विनियमों में एक ऐसा प्रोविजन किया जाए कि मतदान करने वाले प्रत्येक नागरिक को उसी समय एक प्रमाणपत्र जारी किया जाए तथा वह प्रमाणपत्र अनेक कल्याणकारी योज़नाओं का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य शर्त के रूप में ज़रूरी किया जाए या इसके समरूप कोई अन्य व्यवस्था की जाए, जिसका लाभ उठाने मतदान प्रमाणपत्र अनिवार्य हो जिससे प्रोत्साहित होकर हर व्यक्ति उस संबंधित कल्याणकारी योज़ना का लाभ उठाने मतदान उसकी ज़रूरत बन जाए जिससे राष्ट्र को सकारात्मक लाभ होगा। साथियों बात अगर हम 12 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस दिनांक 25 जनवरी 2022 को माननीय उपराष्ट्रपति के वक्तव्य की करें तो पीआईबी के अनुसार, अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एक भी मतदाता न छूटे। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि चुनावों में उम्मीदवार के गुण दोष की जांच कर, उस के आधार पर मत देने का निर्णय करें। उपराष्ट्रपति कोविड से संक्रमित हैं तथा उन्होंने स्वयं को हैदराबाद में अपने आवास पर ही आइसोलेट कर लिया है। नई दिल्ली में इस आयोजन में उनकी अनुपस्थिति में उनका वक्तव्य पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि हमारे चुनावी लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने के लिए हर चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाना और मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के रास्ते में आने वाली बाधाओं का समाधान करना, ये चुनाव आयोग के सामने चुनौती रही है।1952 में पहली लोकसभा के लिए हुए आम चुनावों में 44.87 प्रतिशत मत प्रतिशत रहा था जो 2019 में 17वीं लोकसभा के लिए हुए आमचुनावों में लगभग 50 प्रतिशत बढ़ कर 67.40प्रतिशत तक पहुंच गया। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने सभी संबद्ध हितधारकों की सराहना की। विगत 70 वर्षों में लगातार बेहतरी हासिल करने के चुनाव आयोग के निरंतर प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आयोग ने एक विश्वसनीय, जवाबदेह और प्रगतिशील संस्था के रूप में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की है जिस पर लोकतंत्र के हर हिमायती को गौरव करना चाहिए। 2009 के आम चुनावों में 58.21 प्रतिशत मतदान प्रतिशत, 2014 के आम चुनावों में 8 प्रतिशत बढ़ कर 66.44 प्रतिशत पहुंच गया। इस परिपेक्ष्य में, उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगले आम चुनावों में 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य हासिल करना नितांत संभव है जबकि 2019 के आम चुनावों में मतदान प्रतिशत 67.40 प्रतिशत तक रहा। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 2009 से शुरु किए गए सिस्टेमेटिक वोटर एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन कार्यक्रम की सराहना की। इस वर्ष के 12वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह का विषय मेकिंग अवर इलेक्शंस इन्क्लूसिव, एसेसिबल एंड पार्टिसिपेटइव है। चुनाव आयोग की स्थापना, हमारे गणतांत्रिक संविधान के लागू होने से एक दिन पूर्व ही 25 जनवरी 1950 को हुई थी। अतः 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
साथियों बात अगर हम 12 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर माननीय पीएम के वक्तव्य की करें तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अनुसार उन्होंने भी कहा, मैं देश के सभी मतदाताओं को बहुत बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि आप लोग बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लें और 75 फीसदी मतदान सुनिश्चित करें। उन्होंने यहां भारत की चुनाव प्रक्र‍िया की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा कि भारत उन देशों में से एक है जहां चुनाव आयोग लोगों को नोटिस जारी कर सकता है, अधिकारियों को स्थानांतरित कर सकता है। हमारी चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया विभिन्न देशों के लिए एक बेंचमार्क की तरह है, इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य नए मतदाताओं को प्रोत्साहित करना, सुविधा प्रदान करना,अधिकतम नामांकन करना है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान ने लोगों को ऐसा अधिकार दिया है जो देश का भाग्य बदलने की क्षमता रखता है। एक-एक वोट की जो शक्ति है वो कितनी योजनाएं शुरू कराती है और महत्वपूर्ण निर्णय करवाती है और देश के हर मतदाता के लिए ये गर्व की बात है कि चुनाव के जरिए देश की जनता ने लगातार सरकारें बनाई हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि,, मतदान से एक भी मतदाता न छूटे,, भारत में 12 वां राष्ट्रीय मतदान दिवस मनाया गया तथा मतदान भागीदारी बढ़ाने के लिए मतदाता को मतदान प्रमाणपत्र जारी कर रणनीतिक स्कीम पर विचार करना ज़रूरी हैं।

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ 
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Pramanikta by Jay Shree birmi

September 30, 2021

 प्रामाणिकता भ्रष्टाचार और अप्रमाणिकता सुसंगत नहीं हैं।भ्रष्टाचारी भी उसको रिश्वत देने वाले की ओर प्रमाणिक हो सकता हैं, तभी वह

Vartman Gujrat ka RajKaran by Jay Shree birmi

September 30, 2021

 वर्तमान गुजरात का राजकारण एक ही रात में गुजरात  के मुख्यमंत्री श्रीमान रुपाणी का राजत्याग करना थोड़ा आश्चर्यजनक  था किंतु

Aap beeti by Sudhir Srivastava

September 30, 2021

 आपबीतीपक्षाघात बना वरदान        सुनने में अजीब लग रहा है किंतु बहुत बार जीवन में ऐसा कुछ हो

Dekhein pahle deshhit by Jayshree birmi

September 29, 2021

 देखें पहले देशहित हम किसी भी संस्था या किसी से भी अपनी मांगे मनवाना चाहते हैं, तब विरोध कर अपनी

Saari the great by Jay shree birmi

September 25, 2021

 साड़ी द ग्रेट  कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो खूब वायरल हो रहा हैं।दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में

Dard a twacha by Jayshree birmi

September 24, 2021

 दर्द–ए–त्वचा जैसे सभी के कद अलग अलग होते हैं,कोई लंबा तो कोई छोटा,कोई पतला तो कोई मोटा वैसे भी त्वचा

Leave a Comment