Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Ankur_Singh, poem

मतदाता जागरूकता पर कविता

मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता  हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता ! दारू मुर्गे …


मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita

हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता 

मतदाता जागरूकता पर कविता
हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता !

दारू मुर्गे पर ना बिक जाना।
प्रत्याशी को समझ परख कर,
मतदान जरूर तुम कर आना।
लोकतंत्र के तुम हो आधार,
वोट तुम्हारे विकास सूत्रधार।
जाति धर्म से ऊपर उठ कर ,
मतदान जरूर तुम कर आना।।
हे भाग्य विधाता !, हे मतदाता !
अबकी फिर चूक ना जाना।
लोभ भय में ना फंस तुम,
ईमानदार प्रत्याशी चुन लाना।।
हे मतदाता तुम भी,
अपनी ताकत को पहचानो।
नेता तुम्हारा पढ़ा लिखा हो,
अबकी ऐसा तुम चुन डालो।।
हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता !
तुम्हारा मत है बड़ा अनमोल।
दारू, मुर्गे के लालच में,
अबकी ना दो इसे फिर तोल।।

About author 

हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता- अंकुर सिंह

अंकुर सिंह
चंदवक, जौनपुर,
उत्तर प्रदेश- 222129
मोबाइल नंबर – 8367782654.
व्हाट्सअप नंबर – 8792257267.


Related Posts

Barood par masoom by Anita sharma

November 7, 2021

बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर

गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु  की  दुआ  माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें  दे

कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक

November 7, 2021

 कविता : न देना दिल किसी को  न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से ,  छीन

जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट

राष्ट्र की बेटी – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 राष्ट्र की बेटी इन्दु सी जगमग करती ह्रदय को शीतल करती प्रेरणा बनी स्वराष्ट्र की नारी शक्ति  कहलाती नाम की

Antardwand by Dr. indu kumari

November 7, 2021

 अन्तर्द्वन्द अजीब पहेली से है सुलझ नहीं पा रही नफरत और प्रेम की गुथ्थियाों का ये मंजर असमंजस की स्थिति

Leave a Comment