Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Narayan-Lal, poem

मणिपुर की अमानवीय कुकृत्य पर कविता

मणिपुर की अमानवीय कुकृत्य ने जन मानस को झकझोर कर रख दिया है। इसकी जितनी निंदा कठोर से कठोरतम शब्दों …


मणिपुर की अमानवीय कुकृत्य ने जन मानस को झकझोर कर रख दिया है। इसकी जितनी निंदा कठोर से कठोरतम शब्दों में की जाय, कम है।

मणिपुर की अमानवीय कुकृत्य पर कविता

मात्र एक कुर्सी की चाहत,
चाहे आए कोई आफत।
धधक रहा है एक इलाका,
सबके सब बैठे बन काका।
लंबे समय तक मुंह ना खोला,
अपने को जो कहते आका।
मणिपुर में हो रहा दंगा,
घुमा रहा औरत को नंगा।
बर्बरता की ऐसी घटना,
देख के मानवता शर्मिन्दा।
बर्बरता की पराकाष्ठा,
नहीं रही सत्ता में आस्था।
गुस्सा से भर जाने से,
मात्र क्रोध जताने से।
नेता की लफ्फाजी से,
पीड़ा नहीं मिटेगी जन की।
तेरे मात्र बयानों से,
लोग ना हो पाएंगे चंगा।
भारत के जन जन की चाहत,
दोषी को आ जाए सांसत।
ऐसी वहशी दरिंदे को,
फांसी से कम पर ना राहत।
मणिपुर के कुकृत्यों से,
शर्मसार आज देश हुआ है।
शासक और प्रशासक की,
बात जुड़ी कुर्सी के बाबत।
देकर सियासी बयानों से,
आंक रहे वो अपनी ताकत।
अपने हित के खातिर ये,
करते हैं उपयोग जनों का।
सत्ता के मद में हो अंधे,
सुनते नहीं वो आम जनों का।
उनके चाल चरित्र पर ,
आती है सबको अब लानत।
मात्र एक कुर्सी की चाहत,
चाहे आए कोई आफत।

About author 

@नारायण लाल 
सर्वाधिकार सुरक्षित
नई दिल्ली


Related Posts

एक राज़ की बात बतलाता हूं| ek raaz ki bat batlata hun

May 30, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव एक राज़ की बात बतलाता हूं एक राज़ की बात बतलाता हूं डिजिटल युग का मैं

तेरे आते ही जी उठे

May 30, 2023

तेरे आते ही जी उठे मेरे मुस्कुराने की वज़ह सिर्फ तुम मेरी जिंदगानीउड़ना चाहूं पवन, तेरे संग बहे, इश्क की

चाय और रिश्ते | chaay aur rishte

May 28, 2023

चाय और रिश्ते मैं जानता हूंजब भी तुम पूछती हो मुझसे,“चाय पियोगे?”इसलिए नहीं, कि तुम बांटना चाहती हो अपने हाथों

नया संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर |

May 28, 2023

भावनानी के भाव नया संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर ग्रामसभा विधानसभा सांसद लोकतंत्र के मंदिर हैं इस मंदिर में श्रद्धा

अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस पर कविता| international yoga day

May 19, 2023

भावनानी के भाव अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस 2023 की उल्टीगिनती शुरू है योग व्यायाम सहित स्वास्थ्य विज्ञान है अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस 2023 उल्टीगिनती

Pita par kavita | kavita:pita ek ummid ek aas hai

May 18, 2023

पिता एक उम्मीद एक आस है पिता ज़मीर पिता जागीर है पिता ईश्वर अल्लाह का ही एक रूप है जिसके

PreviousNext

Leave a Comment