Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

मंथरा- सुधीर श्रीवास्तव

 मंथरा आज ही नहीं आदि से हम भले ही मंथरा को दोषी ठहराते, पापी मानते हैं पर जरा सोचिये कि …


 मंथरा

मंथरा- सुधीर श्रीवास्तव

आज ही नहीं आदि से

हम भले ही मंथरा को

दोषी ठहराते, पापी मानते हैं

पर जरा सोचिये कि यदि मंथरा ने

ये पाप न किया होता

तो कितने लोग होते भला

जो राम को जान पाते।

कड़ुआ है पर सच यही है

शायद ही राजा राम का नाम

हम आप तो दूर

हमारे पुरखे भी जान पाते।

सच से मुँह न मोड़िए

जिगरा है तो स्वीकार कीजिये

राम के पुरखों में

कितनों को हम आप जानते हैं,

कितनों के नाम जपते हैं

सच तो यह है कि दशरथ को भी लोग

राम के बहाने ही याद करते हैं,

जबकि दशरथ के पिता

राम के बाबा का नाम भी भला

कितने लोग जानते हैं?

भला हो मंथरा का

जिसनें कैकेई को भरमाया

कैकेई की आड़ में

राम को वनवास कराया।

फिर विचार कीजिये

भरत को राजा बनाने के लिए

कैकेई को क्यों विवश नहीं किया,

भरत राम को वापस लाने वन को गये

तब मंथरा ने कैकेई से

हठ क्यों नहीं किया

क्यों नहीं समझाया,

क्या उसे अपने हठ का

अधूरा परिणाम भाया?

सच मानिए तो दोषी मंथरा है

फिर ये बात राम के समझ में

क्यों नहीं आया?

समझ में आया तो

अयोध्या वापसी पर भी

मंथरा को गले क्यों लगाया?

सम्मान क्यों दिया?

कहने को हम कुछ भी

कहते फिरते रहते हैं

गहराई में भला कब झांकते हैं?

सच तो यह है कि

कैकेई सिर्फ़ बहाना बनी,

राम को राजा राम नहीं

मर्यादा पुरुषोत्तम राम बनाने का

मंथरा ही थी जो सारा तानाबाना बुनी।

सोचिए! उस कुबड़ी ने

कितना विचार किया होगा?

राम के साथ नाम जुड़ने का

कितना जतन किया होगा?

आज हम राम और रामायण की

बातें तो बहुत करते हैं,

पर भला मंथरा के बिना

राम और रामायण का

गान पूर्ण कब करते हैं?

मानिए न मानिए आपकी मर्जी है

पर मंथरा के बिना

मर्यादा पुरुषोत्तम राम का नाम

सिर्फ़ खुदगर्जी है,

क्योंकि राम तो राजा राम बन ही जाते,

मर्यादा पुरुषोत्तम राम बनाने की

असली सूत्रधार तो मंथरा ही है,

पापिनी, कुटिल कलंकिनी बनकर भी

रामनाम के साथ तो जुड़ी ही है।

● सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा, उ.प्र.

8115285921

© मौलिक, स्वरचित


Related Posts

Aao sb milkar de hindi ko badhawa by Jitendra Kabir

September 13, 2021

 आओ मिलकर सब दें हिन्दी भाषा को बढ़ावा जिस तरह प्रेम करते हैं हम अपनी मां और मातृभूमि से, मातृभाषा

Yugpurush Bhartendu harishchandra by dr indu kumari

September 13, 2021

 युगपुरूष भारतेन्दु हरिश्चन्द्र कलम में जिनकी ताकत थी जोश   जगाने       वाली दिल  ही नहीं दिमागों में  भी आग 

Hindi divas vishesh kavita by Nandini Laheja

September 13, 2021

हिंदी दिवस विशेष कविता  हिंदी हमारी शान है, हर भारतीय की पहचान है। पर आज हम भारतियों ने, दे बढ़ावा

Meri pyari Bhasha Hindi by dr kamlendra kumar

September 12, 2021

 मेरी प्यारी भाषा हिन्दी                  हिन्दी है इक प्यारी भाषा ,    

Hindi Divas vishesh, hindi meri Bhasha by mainuddin kohri

September 12, 2021

हिन्दी दिवस पर विशेष       हिंदी मेरी भाषा    प्यारी – प्यारी  सबसे न्यारी मेरी भाषा । हिंदी

Mai ek adhyapak hu by Jitendra Kabir

September 12, 2021

 मैं एक अध्यापक हूं… एक बच्चे को  उसकी क्षमता के अनुसार समाज में स्थान दिलाना चाहता हूं, मैं एक अध्यापक

Leave a Comment