Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस /bhrastachar par zero tolerance

 भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस  भ्रष्टाचार के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है  भ्रष्टाचार की समृद्ध जमीन को …


 भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस 

भ्रष्टाचार के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है 

भ्रष्टाचार की समृद्ध जमीन को खोखला करने सीवीसी ईडी को तालमेल से पूरी तरह एक्टिव मोड से उसकी जड़े काटने की निर्णायक नीति बनाना ज़रूरी – एडवोकेट किशन भावनानी 

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या है जिसकी जड़ें काटने के लिए हर देश अपने अपने स्तरपर नीतियां रणनीतियां बनाकर एक्शन मोड में काम कर रहे हैं, परंतु हम अगर भारत में देखें तो पिछले कुछ वर्षों से भ्रष्टाचार रूपी समृद्ध घने पेड़ की एक्शन मोड में अनेक नीतियां रणनीतियां कार्यक्रम बनाकर उसका खाद पानी बंद कर जड़े काटने के लिए काम किए जा रहे हैं, जिसका सबसे अच्छा उदाहरण डीबीटी, डिजिटल इंडिया और अब भारतीय मुद्रा का डिजिटलीकरण लेकर आना याने ई रुपया। मेरा मानना है कि अब तकनीकी अनेक उपाय किए गए हैं अब सीवीसी और ईडी जैसी एजेंसियों को एक रणनीति के तहत शासकीय कर्मचारियों पर टॉप टू बॉटम या बॉटम टू टॉप नीति के तहत उनकी आर्थिक उपलब्धियों स्थितियों  पर एक विशेष गुप्त जांच अभियान चलाना जरूरी है कि एक सामान्य बाबू का रहन-सहन इतना उच्चस्तरीय क्यों? उनके बच्चों और अन्य सदस्यों पर इतना खर्चा और सुविधाओं का उपभोग कैसे होता है? एक सभा में माननीय पीएम ने कहा था एक बाबू का बड़ी सिटी में गुप्त या अघोषित महंगा प फलेट कैसे? की जांच होगी इत्यादि बातों को गुप्त जांच कर सबूत जुटाकर उनपर कार्यवाही की जाए तो भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस स्थिति आने में देर नहीं लगेगी! चूंकि माननीय पीएम ने सीवीसी के विकसित भारत के लिए भ्रष्टाचार मुक्त भारत के संकल्प पर मनाए जा रहे सतर्कता सप्ताह पर यह संकल्प आज के समय की मांग है, प्रासंगिक है और देशवासियों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है, इन बातों को साफ-सुथरे शब्दों में कहे हैं, तथा 3 नवंबर 2022 को माननीय पीएम द्वारा सख्त लहजे में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कहीं है, इसलिए जरूरी हो गया है कि अब भ्रष्टाचारियों की खतरे की घंटी बजाई जाय। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई करने का समय आ गया है कि हम सब मिलकर इसे जीरो टॉलरेंस पर पहुंचा दें।
साथियों बात अगर हम भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही की करें तो इसमें बॉटम टू टॉप शासकीय कर्मचारियों को सहभागी होना होगा।हर बाबू से लेकरअधिकारी को अपनी इमानदारी जनता जनार्दन रूपी देवता के सामने रखनी होगी। जिनका वेस्टेड हित है भले ही वे परेशान करें पर अपने पद के प्रति वफादारी नहीं छोड़ना है,क्योंकि पद चेयर हमारी रोजी-रोटी का देवता या साधन है उसके साथ गद्दारी नहीं करनी है, यह सोच रखेंगे तो इसका फल ईश्वर अल्लाह भी हमें किसी न किसी रूप में देगा। 
साथियों बात अगर हम दिनांक 3 नवंबर 2022 को माननीय पीएम द्वारा सीवीसी द्वारा आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम में संबोधन की करें तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने भी कहा, भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार जो इच्छा शक्ति दिखा रही है, वैसी ही इच्छाशक्ति सभी विभागों में भी दिखनी आवश्यक है। विकसित भारत के लिए हमें एक ऐसा एडमिनिस्ट्रेटिव इकोसिस्टम  विकसित करना है, जो भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रखता हो। ये आज सरकार की नीति में, सरकार की इच्छाशक्ति में, सरकार के फैसलों में, आप हर जगह पर देखते होंगे। लेकिन यही भाव हमारी प्रशासनिक व्यवस्था के डीएनए में भी मजबूती से बनना चाहिए। एक भावना ये है कि जो भ्रष्ट अफसर होते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई, चाहे वो आपराधिक हो या फिर विभागीय, बरसों तक चलती रहती है। क्या हम भ्रष्टाचार से संबंधित अनुशासनात्मक कार्यवाही को मिशन मोड में, एक अवधि तय करके पूरा कर सकते हैं? क्‍योंकि लटकती तलवार उसको भी परेशान करती है। अगर वो निर्दोष है, और इस चक्र में आ गया तो उसको इस बात का बड़ा जीवन भर दुख रहता है कि मैंने प्रमाणिकता से जिंदगी जी और मुझे कैसा फंसा दिया और फिर निर्णय नहीं कर रहे हैं। जिसने बुरा किया है, उसका नुकसान अलग से ही है, लेकिन जिसने नहीं किया वो इस लटकती तलवार के कारण सरकार के लिए और जीवन के लिए हर प्रकार से बोझ बन जाता है। अपने ही साथियों को इस प्रकार से लंबे-लंबे समय तक लटकाए रखने का क्‍या फायदा है। इस तरह के आरोपों पर जितनी जल्दी फैसला होगा, उतनी ही प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, उसकी शक्ति बढ़ेगी। जो आपराधिक मामले हैं, उनमें भी तेजी से कार्रवाई किए जाने, उनकी लगातार मॉनिटरिंग किए जाने की आवश्यकता है। एक और काम जो किया जा सकता है, वो है पेंडिंग भ्रष्टाचार मामलों के आधार पर डिपार्टमेंट्स की रैकिंग। अब उसमें भी स्वच्छता के लिए जैसे हम कम्‍पीटीशन करते हैं, इसमें भी करें। देखें तो कौन डिपार्टमेंट इसमें बड़ा उदासीन है, क्‍या कारण है। और कौन डिपार्टमेंट है जो बहुत तेजी से इस समस्या को गंभीरता से ले करके आगे बढ़ रहा है। और इससे जुड़ी रिपोर्ट्स का मासिक या तिमाही पब्लिकेशन,अलग अलग विभागों को भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे केसों को तेजी से निपटाने के लिए प्रेरित करेगा। किसी भ्रष्टाचारी को राजनीतिक सामाजिक शरण ना मिले, हर भ्रष्टाचारी समाज द्वारा कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए, ये वातावरण बनाना भी आवश्यक है। हमने देखा है कि जेल की सजा होने के बावजूद भी, भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद भी कई बार भ्रष्टाचारियों का गौरवगान किया जाता है। मैं तो देख रहा हूं, ऐसे ईमानदारी का ठेका ले करके घूमने वाले लोग उनके साथ जा करके ऐसे हाथ पकड़कर फोटो निकालने में शर्म नहीं आती उनको। करप्शन पर निगरानी के लिए हम समाज की भागीदारी, सामान्य नागरिक की भागीदारी को हम अधिक से अधिक कैसे प्रोत्साहित कर सकते हैं, इस पर भी काम होना चाहिए। इसलिए भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों ना हो, वो किसी भी हाल में बचना नहीं चाहिए, ये आप जैसी संस्थाओं की जिम्मेदारी है। लेकिन आपका प्रिवेंटिव इस दृष्टि से ये अभियान अच्‍छा है कि बच्‍चों के मन में भ्रष्‍टाचार के खिलाफ एक नफरत पैदा होनी चाहिए। जब तक गंदगी के खिलाफ नफरत पैदा नहीं होती, स्‍वच्‍छता का महत्‍व समझ में नहीं आता है। और भ्रष्‍टाचार को कम न आंकें, पूरी व्‍यवस्‍था को चरमरा देता है जी। और मैं जानता हूं, इस पर बार-बार सुनना पड़ेगा, बार-बार बोलना पड़ेगा, बार-बार सजग रहना पड़ेगा। 
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस करना होगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है भ्रष्टाचार की समृद्ध जमीन को खोखला करने सीवीसी, ईडी को तालमेल से पूरी तरह एक्टिव मोड से उसकी जड़े काटने की निर्णायक नीति बनाना जरूरी है। 

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

व्यंग्य कविता-किसी को बताना मत|kisi ko batana mat

November 13, 2022

व्यंग्य कविता-किसी को बताना मत बड़े बुजुर्गों की कहावत सच है कि हाथी के दांत दिखाने खाने के और हैं

गरीबी पर भेदभाव क्यों ?|Why discrimination on poverty?

November 10, 2022

गरीबी पर भेदभाव क्यों ?|Why discrimination on poverty? सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समाज की श्रेणी में गरीब सवर्णों

Let’s fulfill our commitment by conserving water

November 8, 2022

जल ही अमृत है, जल ही औषधि है आओ जल संरक्षण कर अपनी प्रतिबद्धता निभाएं जीवन को प्रभावित करने वाले

बच्चों में भगवान बसते हैं/ children day special

November 8, 2022

यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है   कविता बच्चों में भगवान बसते

प्रकृति और वायु प्रदूषण/Nature and air pollution

November 8, 2022

प्रकृति और वायु प्रदूषण/Nature and air pollution वायु की गुणवत्ता एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है क्योंकि प्रदूषक फेफड़ों

वैश्विक नेतृत्व/Global leadership

November 8, 2022

वैश्विक नेतृत्व/Global leadership  भारत के वैश्विक मंचों पर नेतृत्व की भूमिका निभाने कदम बढ़े भारत 1 दिसंबर 2022 से जी-20

Leave a Comment