Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, uday raj Verma

भूख | bhookh

भूख भूख शब्द से तो आप अच्छी तरह से परिचित हैं क्योंकि भूख नामक बिमारी से आज तक कोई बच …


भूख

भूख | bhookh

भूख शब्द से तो आप अच्छी तरह से परिचित हैं क्योंकि भूख नामक बिमारी से आज तक कोई बच नहीं पाया है और सबसे मजेदार बात तो ये है कि यह बिमारी धरा पर जीव के अवतरण से पहले यानी गर्भ से ही हमें अपने आगोश में ले लेती है।फिर आजीवन हमारा साथ नहीं छोड़ती। यह बिमारी हमारे शरीर छोड़ने पर ही हमारा शरीर छोड़ती है । इस विमारी
के आगे लोग हार जाते हैं और गलत पथ पर पग बढ़ा देते हैं विना कुछ सोचे समझे यहां तक कि दूसरे को उपदेश देने वाले भी भूख के हाथों मजबूर हो जाते हैं ।
लेकिन क्या आप जानते हैं भूख तीन तरह की होती है पहली है पेट की भूख जो हर किसी को हर समय महसूस होती है । इसके विना कोई भी जीव जिंदा नहीं रह सकता और किसी न किसी रुप हमें इसकी दवा लेनी ही होती है। इससे हम कुछ समय के लिए तो कोशिश करें तो छुटकारा पा सकते हैं लेकिन हमेशा के लिए नहीं ।
दूसरी है मानसिक भूख जिसे हम कुछ उदाहरण से समझ सकते हैं । जैसे एक अकेला व्यक्ति है तो उसका मन होता है कि काश कोई होता जिससे वह अपनी खुशी बांट सके अपना दुख कहकर मन हल्का कर सके। यह भूख बुढा़पे और नवयुवा अवस्था में अधिक लगती है इसी का एक रुप आप प्रेमी प्रेमिका या शादी तय होने पर लड़के लड़कियों का फोन पर चिपके रहना भी मान सकते हैं । शायद इसी भूख के बारें गोस्वामी तुलसीदासजी ने सोलहवीं सदी में ही लिख दिया – ‘जाते लाग न क्षुधा पिपासा ‘ यहां पर शायद हथियारों और दैवीय शक्तियों को प्राप्त करने की चाह को क्षुधा नाम दिया गया है। इसकी का एक भाग परीक्षा की तैयारी करने या कोई रिसर्च करने के लिए विना कोई परवाह किए रात दिन एक कर देना भी हैं और नीति अनीति की चिंता किए बगैर धन कमाना ।
तीसरी है दैहिक या लैगिंक भूख | यह भूख भी कभी कभी कभी बड़े बड़े साधकों तक को उनके पथ से डिगा देती है| और रेप जैसी घटनाओं की मुख्य वजह यही वजह है यह भूख जब चरम पर होती है तो उम्र का बंधन और उसके परिणाम भी लोग भूल जाते है और जब होश आता है | तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और कुछ लोग तो इस अपराध से बचने के लिए हत्या जैसा दूसरा अपराध भी कर देते | यह भूख सिर्फ मेल में ही नहीं फीमेल में भी पाई जाती है जबकि सामाजिक धारणा इसे ठीक विपरीत है लेकिन यहां तक देखा गया है कि फीमेल अपनी अदाओं व भावभंगिमा से अपनी भूख मिटाने के लिए मेल को उकसाती भी हैं लेकिन पकड़ जाने पर सारा दोष मेल के मत्थे जाता है| अभी हाल में एक खबर सोशलमीडिया पर खूब छाई रही कि चार लड़कियो ने चलती कार में एक युवा से किया रेप | खबर में सच्चाई कितनी है ये कह नहीं सकता लेकिन इसपर हिंदी सिनेमा ने अक्षय कुमार के साथ फिल्म भी बनाई|
मैं रेप का हितैषी नहीं हूं पर इस सूनसान जगह और नशे की स्थिति में यह आग और भड़कती है

About author

Uday Raj Verma
उदय राज वर्मा ‘ उदय’

Related Posts

अंतरराष्ट्रीय झूलेलाल जयंती चेट्रीचंड्र महोत्सव 23 मार्च 2023 पर विशेष

March 22, 2023

अंतरराष्ट्रीय झूलेलाल जयंती चेट्रीचंड्र महोत्सव 23 मार्च 2023 पर विशेष धार्मिक आस्था का प्रतीक – चेट्रीचंड्र पर्व भारत सहित अंतरराष्ट्रीय

फेक न्यूज और दुष्प्रचार भारतीय समाज में नई चुनौतियाँ

March 22, 2023

फेक न्यूज और दुष्प्रचार भारतीय समाज में नई चुनौतियाँ हर किसी की यह जिम्मेदारी है कि वह फेक न्यूज और

अब हमारी आदत ही पानी बचा सकती है।* (22 मार्च जल दिवस विशेष)

March 22, 2023

अब हमारी आदत ही पानी बचा सकती है।(22 मार्च जल दिवस विशेष) जल से जीवन है जुड़ा, बूँद-बूँद में सीखनहीं

22 मार्च जल दिवस विशेष| 22 March Water Day Special.

March 22, 2023

22 मार्च जल दिवस विशेष| 22 March Water Day Special. अगर बचानी ज़िंदगी, करें आज संकल्प।जल का जग में है

कितनी विभिन्नता में एकता

March 19, 2023

कितनी विभिन्नता में एकता कश्मीर से कन्या कुमारी तक विविधता से भरा अपना देश है।सुंदर स्वर्ग सा कश्मीर जहां हूर

विकलांग व्यक्तियों के लिए गरिमापूर्ण जीवन के हो प्रयास

March 19, 2023

विकलांग व्यक्तियों के लिए गरिमापूर्ण जीवन के हो प्रयास हमारी शिक्षा प्रणाली समावेशी नहीं है। मामूली से मध्यम विकलांग बच्चों

PreviousNext

Leave a Comment