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भूख | bhookh

भूख भूख शब्द से तो आप अच्छी तरह से परिचित हैं क्योंकि भूख नामक बिमारी से आज तक कोई बच …


भूख

भूख | bhookh

भूख शब्द से तो आप अच्छी तरह से परिचित हैं क्योंकि भूख नामक बिमारी से आज तक कोई बच नहीं पाया है और सबसे मजेदार बात तो ये है कि यह बिमारी धरा पर जीव के अवतरण से पहले यानी गर्भ से ही हमें अपने आगोश में ले लेती है।फिर आजीवन हमारा साथ नहीं छोड़ती। यह बिमारी हमारे शरीर छोड़ने पर ही हमारा शरीर छोड़ती है । इस विमारी
के आगे लोग हार जाते हैं और गलत पथ पर पग बढ़ा देते हैं विना कुछ सोचे समझे यहां तक कि दूसरे को उपदेश देने वाले भी भूख के हाथों मजबूर हो जाते हैं ।
लेकिन क्या आप जानते हैं भूख तीन तरह की होती है पहली है पेट की भूख जो हर किसी को हर समय महसूस होती है । इसके विना कोई भी जीव जिंदा नहीं रह सकता और किसी न किसी रुप हमें इसकी दवा लेनी ही होती है। इससे हम कुछ समय के लिए तो कोशिश करें तो छुटकारा पा सकते हैं लेकिन हमेशा के लिए नहीं ।
दूसरी है मानसिक भूख जिसे हम कुछ उदाहरण से समझ सकते हैं । जैसे एक अकेला व्यक्ति है तो उसका मन होता है कि काश कोई होता जिससे वह अपनी खुशी बांट सके अपना दुख कहकर मन हल्का कर सके। यह भूख बुढा़पे और नवयुवा अवस्था में अधिक लगती है इसी का एक रुप आप प्रेमी प्रेमिका या शादी तय होने पर लड़के लड़कियों का फोन पर चिपके रहना भी मान सकते हैं । शायद इसी भूख के बारें गोस्वामी तुलसीदासजी ने सोलहवीं सदी में ही लिख दिया – ‘जाते लाग न क्षुधा पिपासा ‘ यहां पर शायद हथियारों और दैवीय शक्तियों को प्राप्त करने की चाह को क्षुधा नाम दिया गया है। इसकी का एक भाग परीक्षा की तैयारी करने या कोई रिसर्च करने के लिए विना कोई परवाह किए रात दिन एक कर देना भी हैं और नीति अनीति की चिंता किए बगैर धन कमाना ।
तीसरी है दैहिक या लैगिंक भूख | यह भूख भी कभी कभी कभी बड़े बड़े साधकों तक को उनके पथ से डिगा देती है| और रेप जैसी घटनाओं की मुख्य वजह यही वजह है यह भूख जब चरम पर होती है तो उम्र का बंधन और उसके परिणाम भी लोग भूल जाते है और जब होश आता है | तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और कुछ लोग तो इस अपराध से बचने के लिए हत्या जैसा दूसरा अपराध भी कर देते | यह भूख सिर्फ मेल में ही नहीं फीमेल में भी पाई जाती है जबकि सामाजिक धारणा इसे ठीक विपरीत है लेकिन यहां तक देखा गया है कि फीमेल अपनी अदाओं व भावभंगिमा से अपनी भूख मिटाने के लिए मेल को उकसाती भी हैं लेकिन पकड़ जाने पर सारा दोष मेल के मत्थे जाता है| अभी हाल में एक खबर सोशलमीडिया पर खूब छाई रही कि चार लड़कियो ने चलती कार में एक युवा से किया रेप | खबर में सच्चाई कितनी है ये कह नहीं सकता लेकिन इसपर हिंदी सिनेमा ने अक्षय कुमार के साथ फिल्म भी बनाई|
मैं रेप का हितैषी नहीं हूं पर इस सूनसान जगह और नशे की स्थिति में यह आग और भड़कती है

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Uday Raj Verma
उदय राज वर्मा ‘ उदय’

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