Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

भारत अमेरिका टू प्लस टू बातचीत

भारत अमेरिका टू प्लस टू बातचीत अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भारत के रुतबे, ख्याति और वर्चस्व में भारी बढ़ोतरी!!! भारत-अमेरिका के टू …


भारत अमेरिका टू प्लस टू बातचीत

भारत अमेरिका टू प्लस टू बातचीत
अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भारत के रुतबे, ख्याति और वर्चस्व में भारी बढ़ोतरी!!!

भारत-अमेरिका के टू प्लस टू बातचीत की दिशा दोनों देशों के प्रमुखों की वर्चुअल बातचीत से तय हुई – सकारात्मक परिणाम आने की संभावना – एड किशन भावनानी

गोंदिया – भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तरपर ख्याति, रुतबे और सम्मान में बीते कुछ वर्षों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है जो हम प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिकमीडिया में आए पूर्ण विकसित देशों से लेकर विकासशील और कम आर्थिक हालत के देशों तक के बारे में आई रिपोर्टिंग में देखो सुन वह पढ़ रहे हैं जिसमें सबसे अधिक ताकतवर हमारी विदेश नीति और भारत का नेतृत्व रहा है जिसके बल पर आज भारत की वाहवाही हो रही है!!! भारत तारीफ़ पड़ोसी मुल्क के पूर्व पीएम से लेकर अमेरिका जैसे विकसित देश भी कर रहे हैं

साथियों बात अगर हम दिनांक 11 अप्रैल 2022 को देर रात्रि तक दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत की करें तो दोनों की बातचीत,बॉडी लैंग्वेजेस से काफी सकारात्मक महसूस हो रहीथी जो टीवी चैनलों पर दिखाई दे रहा था बातचीत के तुरंत बाद व्हाइट हाउस केट्वीट्स आए कि भारत ने रूस से तेल खरीदी करने में कोई शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है। बातचीत को काफी सफल बताया और दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने भी अपने संयुक्त संबोधन में शीर्ष नेतृत्व के बातचीत से दिशा मिलने की बात कही।
साथियों हमें याद होगा कि भारत के हाल ही में यूक्रेन-रूस मुद्दे पर अनेक अंतरराष्ट्रीय फोरम पर चुनाव में गैरहाजिर रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तरपर तटस्थता का परिचय दिया था और रूस और अमेरिका दोनों देशों व उनके शीर्ष नेतृत्व से भारत की लगातार बातचीत हो रही है जिसमें मेरा मानना है कि कहीं ना कहीं अमेरिका को ऐसा लग रहा है कि भारत दोनों देशों में युद्धविराम पर महत्वपूर्ण रोल अदा कर सकता है इसलिए भारत के प्रति अमेरिका का रुख़ अच्छा सकारात्मक, साझेदार और मजबूत प्रतीत होता है और वैश्विक साझेदारी की बात भी चल रही है। टीवी चैनलों पर भारतीय पीएम के वर्चुअल संवाद को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सहित वहां के विदेश मंत्री भारतीय रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री के साथ बैठे देख सुन रहे थे ऐसा टीवी चैनलों पर दिखाया गया जो काबिले तारीफ है।

साथियों बात अगर हम हाल ही में अविश्वास प्रस्ताव में हारे हमारे पड़ोसी मुल्क के पीएम करें तो उन्होंने अपने बयान में कहा था कि उनके रूस जाने पर अमेरिका नें नाराज होकर सरकार गिराने की साजिश की है जिसे अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ख़ारिज किया था और उन्होंने भारत का उदाहरण देकर कहा था कि वह उनके साथ ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि उनकी विदेश नीति और ख्याति बहुत मज़बूत है इसी से हम अंदाज लगा सकते हैं कि हमारे रूस के साथ मज़बूत संबंध और तेल खरीदनेपर भी अमेरिका शर्तों का उल्लंघन नहीं मान रहा है, जबकि यहां कोई दूसरा छोटा देश रहता तो ऐसी बात नहीं होती उसपर दबाव बढ़ जाता हमारे भारत की नीतियां, रुतबा, ख्याति कार्यशैली, स्वभाव सहित वर्चस्व ऐसा है कि आज किसी देश की हिम्मत नहीं कि भारत की ओर आंख उठाकर देख सके।
साथियों बात अगर हम कोरोना महामारी में भारत की वैश्विक मदद की करें तो भारत मे से अनेक विकसितऔर विकासशील और आर्थिक रुप से कमजोर देशों को अपनी फार्मा कंपनियों से अनेक दवाइयां और अनेक देशों को वैक्सिन उपलब्ध कराकर लाखों लोगों की जिंदगीयां बचाई है।
साथीयों बात अगर हम भारत अमेरिका के दोनों शीर्ष नेताओं की 11 अप्रैल 2022 को देर रात्रि तक चली वर्चुअल मीटिंग की करें तो पीआईबी के अनुसार,भारतीय पीएम ने कहा, आज की हमारी बातचीत ऐसे समय पर हो रही है जब यूक्रेन में स्थिति बहुत चिंताजनक बनी हुई है। कुछ सप्ताह पहले तक, बीस हज़ार से अधिक भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए थे। और इनमें से अधिकांश युवा छात्र थे। काफ़ी मेहनत के बाद, हम उन्हें वहां से सकुशल निकालने में सफ़ल हुए, हालाँकि एक छात्र ने अपना जीवन खो दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान, मैंने यूक्रेन और रूस, दोनों के राष्ट्रपतियों से कई बार फ़ोन पर बातचीत की। मैंने न सिर्फ़ शांति की अपील की, बल्कि मैंने राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ सीधी बातचीत का सुझाव भी रखा। हमारी संसद में भी यूक्रेन के विषय पर बहुत विस्तार से चर्चा हुई है।
हाल में बूचा शहर में निर्दोष नागरिकों की हत्याओं की खबर बहुत ही चिंताजनक थी। हमने इसकी तुरंत निंदा की और एक निष्पक्ष जाँच की मांग भी की है। हम आशा करते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत से शांति का मार्ग निकलेगा। पिछले साल सितम्बर में जब मैं वाशिंगटन आया था, और जिसका आपने अभी जिक्र भी किया तब आपने कहा था कि भारत-अमेरिका साझेदारी बहुत सी वैश्विक समस्याओं के समाधान में योगदान दे सकती है।
उन्होंने कहा मैं आपकी बात से पूर्णतया सहमत हूँ। विश्व के दो सबसे बड़े और पुराने लोकतंत्रों के रूप में, हम नेचुरल पार्टनर्स हैं। और पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबधों में जो प्रगति हुई है, जो नया मोमेंनटूम बना है, आज से एक दशक पहले भी, शायद ऐसी कल्पना करना मुश्किल था।

हमने यूक्रेन में आम जनता की सुरक्षा और उनको मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति पर भी महत्त्व दिया है और जिसका अभी आपने प्रारम्भ में जिक्र भी किया। हमने अपनी तरफ से दवाइयां व अन्य राहत सामग्री यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को भेजी है। और यूक्रेन की मांग पर हम शीघ्र ही दवाइयों का एक और कन्साइनमेंट भेज रहे हैं। आपने अपने कार्यकाल के शुरू में ही एक बहुत महत्वपूर्ण स्लोगन दिया था -लोकतंत्र उद्धार कर सकता है, भारत और अमेरिका की साझेदारी की सफलता इस स्लोगन को सार्थक करने का सबसे उत्तम जरिया है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि भारत अमेरिका टू प्लस टू बातचीत सफ़ल होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भारत के रुतबे में भारी बढ़ोतरी हुई है!!! भारत अमेरिका के टू प्लस टू बातचीत की दिशा दोनों देशों के प्रमुखों के वर्चुअल बातचीत से तय हुई।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Khud ko hi sarvshreshth na samjhe by Sudhir Srivastava

October 22, 2021

 खुद को ही सर्वश्रेष्ठ न समझें                         ✍ सुधीर

Kitne ravan jalayenge hum ? By Jayshree birmi

October 15, 2021

 कितने रावण जलाएंगे हम? कईं लोग रावण को महान बनाने की कोशिश करतें हैं,यह कह कर माता सीता के हरण

Aaj ka kramveer by Jay shree birmi

October 12, 2021

 आज का कर्मवीर जैसे हम बरसों से जानते हैं फिल्मी दुनियां में सब कुछ अजीब सा होता आ रहा हैं।सभी

Chalo bulava aaya hai by Sudhir Srivastava

October 12, 2021

 संस्मरणचलो बुलावा आया है       वर्ष 2013 की बात है ,उस समय मैं हरिद्वार में लियान ग्लोबल कं. में

Online gaming by Jay shree birmi

October 12, 2021

 ऑनलाइन गेमिंग करोना  के जमाने में बहुत ही मुश्किलों में मोबाइल ने साथ दिया हैं छोटी से छोटी चीज ऑन

Humsafar by Akanksha Tripathi

October 8, 2021

हमसफ़र  👫💞 ये नायाब रिश्ता वास्तविक रूप से जबसे बनता है जिंदगी के अंतिम पड़ाव तक निभाया जाने वाला रिश्ता

Leave a Comment