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kishan bhavnani, poem

भारतीय संस्कार पर कविता

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत …


भावनानी के भाव

भारतीय संस्कार पर कविता

भारतीय संस्कार पर कविता

भारतीय संस्कार
हमारे अनमोल मोती है
प्रतितिदिन मातापिता के पावन
चरणस्पर्श से शुरुआत होती है

सबको प्यार का मीठा प्यारा माता पिता
राष्ट्र की सेवा का पाठ पढ़ाते हैं
हम अपनी भारतीय संस्कृति से
प्राणों से अधिक प्यार करते हैं

बुजुर्गों को नमन करते हैं
बड़ों की सेवा में हम भारतीय
हमेशा स्वतः संज्ञान सेआगे रहते हैं

श्रावण कुमार गुरु गोविंद सिंह
महाराणा प्रताप वीर शिवाजी
अनेकों योद्धाओं बलवीरों
महावीरों की मां भारती है

हम भारतवासी संयुक्त परिवार की
प्रथा श्रद्धा से कायम रखे हैं
अतिथियों को देव तुल्य मानकर
भरपूर भाव से सेवा करते हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र 


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