Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Rekha_shah

ब्लैक टाइगर… रविंद्र कौशिक

ब्लैक टाइगर… रविंद्र कौशिक देश की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा में सेना लगी हुई है और देश के भीतरी भाग …


ब्लैक टाइगर… रविंद्र कौशिक

रेखा शाह आरबी बलिया( यूपी )
देश की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा में सेना लगी हुई है और देश के भीतरी भाग में पुलिस तैनात बल खड़ी है इन योद्धाओं का ऋण नहीं चुकाया जा सकता पर इनके अलावा एक और योद्धा है जो इन से भी ज्यादा विषम परिस्थितियों में काम करते हैं और उनकी कहीं कोई चर्चा भी नहीं होती है.. वह है हमारे देश के जासूस..।

देश की सुरक्षा सुरक्षित रहे .. इसके लिए जान की बाजी लगाकर दुश्मन की मांद से देश हित में सूचनाएं इकट्ठा करते हैं और समय-समय पर उचित एजेंसियों को पारित करके यह अदृश्य योद्धा देश की मदद करते हैं ।

ऐसे ही एक योद्धा थे ” रविंद्र कौशिक ” जिन्होंने अपने जीवन के अधिकतर अमूल्य समय को देश के ऊपर न्योछावर कर दिया भारत के लिए खुफिया एजेंट का काम करते हुए तकरीबन 26 साल पाकिस्तान में रह कर गुजार दिए और देश के लिए सूचनाएं इकट्ठे करते…. उनके द्वारा भेजी गई जानकारियों के कारण भारत उस समय हमेशा पाकिस्तान से हर मोर्चे पर एक कदम आगे रहा रविंद्र कौशिक पाकिस्तानी फौज में भर्ती होकर मेजर के पद तक पहुंच गए थे दुश्मन के फौज में मेजर के पद तक पहुंचना कोई आसान काम नहीं होता इसके लिए असाधारण काबिलियत और चतुराई की जरूरत होती है गलती की एक भी गुंजाइश नहीं होती और उन्होंने अपनी काबिलियत और चतुराई से वहां तक पहुंचे और भारत के लिए अनेक खुफिया जानकारियां पारित किए हैं 19 79 से लेकर 1983 तक उन्होंने देश के लिए बहुमूल्य जानकारी पारित किए जो भारतीय सुरक्षा बल के लिए अमूल्य थी ।

उन्हें भारत के उस समय के तत्कालीन गृह मंत्री एस वी चव्हाण ने ब्लैक टाइगर की उपाधि प्रदान किए है आईबी के वरिष्ठ अधिकारी रहे एम के धरन ने रविंद्र कौशिक पर लिखी गई एक किताब में ” मिशन टू पाकिस्तान” में लिखा था -” वह हमारे देश के अमूल्य धरोहर थे उन्होंने पाकिस्तानी सेना में रहते हुए अहम जानकारी देकर करीब 20000 सैनिकों की जान बचाई थी “.. ।

हालांकि साल 1983 में रविंद्र कौशिक तब संकट में पड़ गए जब उनकी मदद के लिए भारत से भेजे गए एक जासूस इनायत मसीह नाम के जासूस की एक गलती से उनका भेद खुल गया और इन्हें पाकिस्तानी सेना द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया कैद में रहते हुए इन्होंने अनेक अनेक प्रताड़ना झेली पर इन्होंने अपना मुंह नहीं खोला और बहुत सालों तक प्रताड़ना झेलते हुए ही पाकिस्तानी जेल में इनकी तपेदिक और टीवी से मौत हो गई।

और एक योद्धा का इस प्रकार दुखद अंत हो गया यह तो एक रविंद्र कौशिक की कहानी थी पर इनके अलावा बहुत से ज्ञात अज्ञात अदृश्य योद्धा आज भी अपनी मातृभूमि के लिए अनेक अनेक जगहों पर जान की बाजी लगा रहे होंगे ताकि हम लोग अपने घरों में सुरक्षित रहें देश सुरक्षित रहे उनके त्याग और बलिदान का कोई मूल्य नहीं चुकाया जा सकता हमारा सम्मान और हमारी उनके प्रति श्रद्धा ही उनका पुरस्कार होगी।

रेखा शाह आरबी
बलिया( यूपी )
स्वतंत्र टिप्पणी कार


Related Posts

प्रकृति और वायु प्रदूषण/Nature and air pollution

November 8, 2022

प्रकृति और वायु प्रदूषण/Nature and air pollution वायु की गुणवत्ता एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है क्योंकि प्रदूषक फेफड़ों

वैश्विक नेतृत्व/Global leadership

November 8, 2022

वैश्विक नेतृत्व/Global leadership  भारत के वैश्विक मंचों पर नेतृत्व की भूमिका निभाने कदम बढ़े भारत 1 दिसंबर 2022 से जी-20

गुरु नानक देव का 553 वां जयंती महोत्सव 8 नवंबर 2022 पर विशेष

November 8, 2022

गुरु नानक देव का 553 वां जयंती महोत्सव 8 नवंबर 2022 पर विशेष जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल

विवाह/mariage

November 5, 2022

विवाह बहुत दिनों बाद अपनी सखी के घर गई थी मैं,बेटी की शादी की बधाई भी देनी थी और मौसीजी

शासकीय कार्यों में लापरवाही के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई में तेजी लाना समय की मांग

November 5, 2022

लापरवाही शासकीय कार्यों में लापरवाही के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई में तेजी लाना समय की मांग स्थाई सुशासन लाने का मूलमंत्र

भारत में मुद्रा का डिजिटलीकरण/bharat me mudra ka digitalikaran

November 5, 2022

भारत में मुद्रा का डिजिटलीकरण भारतीय मुद्रा का आना से लेकर ई-रुपया तक का दिलचस्प सफ़र डिजिटल रुपया (ई-रुपया) प्रणाली

Leave a Comment