Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

बेमानी- जयश्री बिरमी

बेमानी उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्मेंन ही रवायतें हैं निभाने की कसमेंजब भूले गए थे वादे और तोड़ी …


बेमानी

बेमानी- जयश्री बिरमी
उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्में
न ही रवायतें हैं निभाने की कसमें
जब भूले गए थे वादे और तोड़ी गई थी कसमें
वादें नहीं रहते हैं वादें
जब भुलाएं जाते हैं
जो मुकर जाते हैं वफा के मंजर से
उन्ही को मिलती ही वफाओं की कश्ती
जो निभाते हैं रस्मे वफा उन्ही को मिलते हैं भंवर
यादें,वादें और वफाएं हो जातें हैं बेमानी
जब अहम हो जाती हैं खुदगर्जी से वफ़ा 
डूब जाते हैं वफाओं के तलबगार
सीतमगर ही डुबोते हैं इश्क कश्तियां
सिर्फ बची रहती हैं खामोश इश्क की सिसकियां
खत्म हो जाता हैं बेजान इश्क ए जनून
फिक्र न तो फक्र भी कैसे करें
जो भूल जाएं उन्हे याद भी क्यों करें

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

अच्छे के लिए होता है !

March 26, 2022

अच्छे के लिए होता है ! राजा और मंत्री शिकार के लिए निकले, जंगल में आए, बहुत सारी झाड़ी और

दयावान बने!

March 26, 2022

दयावान बने! सोए हुए शेर के ऊपर चढ़ा चूहा,शेर उठा और हुआ आग बबूला,गुस्से में कहा, तुम्हें कौन बचाएगा,यह खूंखार

अजय प्रसाद की रचनाएं

March 26, 2022

अजय प्रसाद की रचनाएं  हमसे हमारे ख्वाब न छीन काँटों भरी गुलाब न छीन ।जिंदा तो हूँ गफलत में सहीयादों

मेरा मन है एक बंजारा- वीना आडवाणी तन्वी

March 26, 2022

मेरा मन है एक बंजारा मेरा मन है एक बंजारा स्थिर नहीं ये फिरता मारामाराकभी प्राकृतिक सौंदर्य में फिरेतो कभी

हौंसले-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

हौंसले एक सुंदर नारीचल पड़ी गगन विहारीथा उसे उडना बहुतदूर दूर क्षितिज से भी दूरपंख थे छोटे और कोमलपार करेगी

जब वक्त थम सा गया-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

जब वक्त थम सा गया एक बार ही मिली नजरें तो दिल उसी पर आ गयामिलने के लिए उसी से

PreviousNext

Leave a Comment