Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

बेटी हुई

 बेटी हुई  डॉ. इन्दु कुमारी धीमी आवाज में  कहते बेटी हुई।  पापा देखो तेरी बेटी  आईपीएस की  टॉपर हुई। जिसका …


 बेटी हुई 

डॉ. इन्दु कुमारी
डॉ. इन्दु कुमारी

धीमी आवाज में 

कहते बेटी हुई। 

पापा देखो तेरी बेटी 

आईपीएस की

 टॉपर हुई।

जिसका नाम सुनकर 

ही सवा हाथ धरती 

नीचे खिसक जाती थी 

उन बेटियों को देखो

 ढाई हाथ ऊपर 

आ रही है।

 गर्भ में जिसे

 दफन कर देते 

उन के बल पर

 ओ मेरे पापा

 दुनिया नाज करती है।

दहेज के कारण मारी जाती 

वही मशालें जला रही।

वृद्ध आश्रम में छोड़ रहे बेटे 

बेटियां बुढ़ापे की दीप बनी।

 टूट रही समाज की 

दकियानूसी रिवाज 

की बेड़िया। 

इज्जत के नाम पर 

मारी जाती बेटियां।

आज मातृभूमि के 

सेवा में प्रहरी बनी बैठी।

 घर की दहलीज में

 रखने वाले देख 

उनकी शक्तियां। 

सोच बदलो पापा मेरे

 भाई मेरे 

समाज के बिचौलिए 

बदल रही है दुनिया। 

बहुत दफना चुके अब

 आगे बढ़ रही है बेटियां

 दूर हो रही सिसकियां।

       डॉ.इन्दु कुमारी

 मधेपुरा बिहार


Related Posts

बलात्कार

June 24, 2022

 बलात्कार डॉ. इन्दु कुमारी  दरिंदगी की पहचान है  समाज का अभिशाप है  गंदगी की अंबार है  संकुचित विचारों का  गंदी

पृथ्वी दिवस

June 24, 2022

 पृथ्वी दिवस डॉ. इन्दु कुमारी  वसुंधरा को आइए  पेड़ों से सजाइए  वन बागों से इस धरा पर  जीवन की फसलें

प्रकृति के आंचल

June 24, 2022

 प्रकृति के आंचल डॉ. इन्दु कुमारी  प्रकृति हमारी हम प्रकृति के  सजाएंगे हम तो पाएंगे हम  लगाएंगे हम खाएंगे हम 

बुढ़ापे की मुंडेर

June 24, 2022

 बुढ़ापे की मुंडेर डॉ. इन्दु कुमारी  जन्म लिए बचपन बीते  खुशियों के होंठ खिले  बचपन के छोटे पौधे  फूल रूप

बेटी हुई

June 24, 2022

 बेटी हुई  डॉ. इन्दु कुमारी धीमी आवाज में  कहते बेटी हुई।  पापा देखो तेरी बेटी  आईपीएस की  टॉपर हुई। जिसका

मेघा रे

June 24, 2022

 मेघा रे डॉ. इन्दु कुमारी  मेघा रे कहां तक तुझे जाना रे  मेरे संदेश को ले जाना रे   जिन राहों

PreviousNext

Leave a Comment