Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

बुलडोज़र पर घमासान!!

बुलडोज़र पर घमासान!! बुलडोज़र पर मचे सियासी घमासान के बीच छठवीं बुलडोजर फैक्ट्री का उद्घाटन ब्रिटेन के पीएम ने किया …


बुलडोज़र पर घमासान!!

एड किशन भावनानी

बुलडोज़र पर मचे सियासी घमासान के बीच छठवीं बुलडोजर फैक्ट्री का उद्घाटन ब्रिटेन के पीएम ने किया और बुलडोजर पर भी चढ़े!!

भारत में बुलडोजर के इस्तेमाल की चर्चा चरम सीमां पर, प्रसिद्धि का विषय बना – एड किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर बुलडोजर कोई नया नहीं है यह दशकों पुराना है! और हर आम आदमी इससे परिचित है! यह मुख्य रूप से अनेक स्तरोंपर भवन, संपत्ति, मकान, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण, खुदाई इत्यादि अनेकों कामों में एक शक्तिशाली यंत्र के रूप में उपयोग होता है, जो सैकड़ों मानवीय शक्ति का, घंटों का काम मिनटों में अकेला कर देता है!! स्वाभाविक ही है जैसे-जैसे वैश्विक स्तरपर तकनीकी का विकास हुआ वैसे वैसे सुविधाओं में वृद्धि होते चली गई इन्ही सुविधाओं का सबसे बड़ा उदाहरण आज बुलडोजर है।
साथियों बात अगर हम बुलडोजर का कुछ हट कर काम करने की स्टाइल की करें तो यह भारत में विशिष्ट चर्चा में 2017 में जब उत्तर प्रदेश में नई सरकार बनी, तो उसके बाद बुलडोजर का सफ़र यहां से शुरू हो गया। नई सरकार आने के बाद अपराधियों और माफियाओं के घर पर बुलडोजर चलने लगे। जुलाई 2020 में कानपुर के बिकरू में एक को पकड़ने गई पुलिस पर हमला हुआ था, इस हमले में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस कांड के बाद वह फ़रार हो गया था, इसके बाद प्रशासन ने बिकरू में उसकी कोठी पर बुलडोजर चला दिया था। माना जाता है कि यहीं से अपराधियों की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की कहानी शुरू हुई।
साथियों बात अगर हम वर्तमान परिपेक्ष में बुलडोजर के इस्तेमाल की चर्चा, प्रसिद्धि का विषय बनने की करें तो यह यूपी से शुरू होकर मध्यप्रदेश, राजस्थान से होकर दिल्ली पहुंचा है। दरअसल उत्तरप्रदेश चुनाव 2022 में बुलडोजर बाबा के रूप में, यूपी विपक्षी नेता द्वारा दिए गए नाम से चर्चित मध्यप्रदेश तक बुलडोजर मामा से होते हुए दो दिन पहले एक राज्यसभा सदस्य के ट्वीट पर जिहादी कंट्रोल बोर्ड (जेसीबी) तक पहुंच गया विवाद हुए, जिसे बाद में उन्होंने ट्विटर हैंडल से हटा दिया।
साथियों कुछ अर्से से हम देखें जो बुलडोजर (जेसीबी) पर धमासान चल रहा है। यानें यूं कहें तो कुश्ती का अखाड़ा, जुबानी जंग का मैदान, बयानबाजी शेरों का मुख्य अस्त्र बुलडोजर बन गया है!!जो हम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टीवी चैनलों पर देख रहे हैं कि करीब-करीब हर पार्टी के नेता स्वयं या ट्विटर द्वारा अपनी -अपनी बातें रख रहे हैं और मामला दिल्ली से होकर सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है! जिसकी सुनवाई गुरुवार 21 अप्रैल 2022 को हुई और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है तबतक बुलडोजर पर ब्रेक जारी रहेगी ऐसी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आई है और आरगुमेंट में पक्ष-विपक्ष के तर्कों सहित पूरे देश में बुलडोजर कार्यवाही पर रोक लगाने की अपील भी की गई थीं, जिसे साफ़ इनकार किया गया।
साथियों बात अगर हम बुलडोजर पर मचे सियासी घमासान के बीच छठवीं बुलडोजर जेसीबी कंपनी के उद्घाटन की करें तो दिनांक 21 अप्रैल 2022 को, ब्रिटिश पीएम, पंचमहल जिले में हलोल के पास ब्रिटिश कंस्ट्रकशन इक्विपमेंट कंपनी ( जेसीबी ) की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया, जो जेसीबी कंपनी की है। ब्रिटिश पीएम के हाथों यह उद्घाटन ऐसे दौर में हुआ, जब भारत की राजनीति में जेसीबी ( बुलडोजर ) की गूंज हर तरफ़ देखी जा रही है, जिस जेसीबी और बुलडोजर की चर्चा कंस्ट्रक्शन काम में होती है, हाल के दिनों में वह कुछ अस्पष्ट वजहों से खबरों में ज्यादा है। हलोल के इस प्लांट पर कुल लागत 650 करोड़ रुपये की आई है।
साथियों बात अगर हम बुलडोजर की करें तो भारत में जेसीबी, जेसीबी इन्डिया लिमिटेड के नाम से काम करती है। यह कंपनी ब्रिटेन की है। भारतीय बाजार में इस कंपनी ने 1979 में एक जॉइंट वेंचर के तौर पर दस्तक दी थी। आज यह जे.सी.बामफॉर्ड (जेसीबी) एक्सकैवेटर्स के मालिकाना हक वाली कंपनी है, जिसका मुख्यालय यूनाइटेड किंगडम में है।
भारत में अब तक जेसीबी की पांच कंपनियां थी, गुजरात के नए प्लांट के बाद ये संख्या छह हो गई है, और गुजरात दौरे पर आए ब्रिटिश पीएम ने इसका उद्घाटन किया कंपनी भारत में बनी मशीनें 110 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट भी करती है। जेसीबी ने बैकहो लोडरर ( बुलडोजर ) को भारत में चार दशक पहले अपनी एंट्री के साथ ही उतारा था, तब से आज तक यह 9 कैटगिरी में 60 प्रोडक्ट उतार चुकी है।
साथियों बात अगर हम दिल्ली में चले बुलडोजर की करें तो यहां सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है जबकि अन्य शहरों में बुलडोजर अपना काम कर रहे हैं! वहीं अगर हम गहराई से देखेंगे तो छठवें बुलडोजर जेसीबी कंपनी के उद्घाटन के आयोजन के टाइमिंग को भी, अटकलों के साए में देखा जा रहा है वह भी ब्रिटिश पीएम के हाथों किया गया है। हो सकता कि बुलडोजरों का उत्पादन बढ़ाकर आगे ऐसी कार्यवाही विशाल स्तरपर की जाएगी ऐसी अटकलें लगाई जा रही है!! कुल मिलाकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आने वाले समय में आगे की राह और राजनीतिक दिशा बुलडोजर आधारित होगी! मेरा अनुमान है कि जैसे-जैसे सरकारें बदलेगी बुलडोजर नीति का चरम सीमा तक विस्तार होने की संभावना है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि बुलडोजर पर धमासाना!! बुलडोजर पर मचे सियासी घमासान के बीच छठवीं बुलडोजर फैक्ट्री का उद्घाटन ब्रिटेन के पीएम ने किया और वे बुलडोजर पर भी चढ़े!! भारत में बुलडोजर के इस्तेमाल की चर्चा, प्रसिद्धि का विषय बना।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

इजराइल संसद में न्यायिक सुधार बिल पारित

July 27, 2023

इजराइल संसद में न्यायिक सुधार बिल पारित – Israeli-parliament-passes-judicial-reform-bill  राजनीतिक शक्ति पर न्यायिक अंकुश को रोकने का मकसद?- जनता का

दबाव समूह और आंदोलन

July 27, 2023

दबाव समूह और आंदोलन pressure groups and movements दबाव समूह ऐसे संगठन हैं जो सरकारी नीतियों को प्रभावित करने का

नीली चिड़िया उड़ गई – एक्स की स्थापना हो गई | twitter logo

July 24, 2023

नीली चिड़िया उड़ गई – एक्स की स्थापना हो गई Twitter logo नीली चिड़िया उड़ा कर डागी नहीं एक्स मिलेगा

आईपीसी की धारा 498 ए पर हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

July 23, 2023

आईपीसी की धारा 498 ए पर हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला पति पत्नी के बीच विवाह अमान्य व शून्य हो तो

मणिपुर चीरहरण विशेष | Manipur Chirharan Special

July 23, 2023

मणिपुर चीरहरण विशेष | Manipur Chirharan Special चीरहरण को देख कर, दरबारी सब मौनप्रश्न करे अँधराज पर, विदुर बने वो

Manipur news today :महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई

July 22, 2023

मणिपुर मामले का आकार – मानसून सत्र लाचार – हंगामे का वार पलटवार महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई –

PreviousNext

Leave a Comment