Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

बीते किस्से

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी …


बीते किस्से

बीते किस्से

अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूं
लोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी हूं।।

बगिया के महकते फूल को कभी तोड़ा था तुमने
आज उस मुरझाए फूल से , मैं सबको मिलवाती हूं।।

मुरझाया फूल सूख के पात-पात बिखर था गया
उसी मुरझाए फूल के पात को मैं उठा के सजाती हूं।।

सजाए बैठी जो मैं सूखे फूल के हर एक पातों को
महक उठे सूखे पात जब जज़्बातों संग मैं बतियाती हूं।।

महक सूखे पातों कि अब ना पहले सी रह थी गयी
इन महकते सूखे पातों संग शब्द मैं अकसर गुनगुनाती हूं।।

एसा लगे अब बोल उठे हैं मेरे हर एक गुनगुनाते शब्द
इन्हीं गुनगुनाते शब्दों संग मैं नाता जोड़ हिम्मत पाती हूं।।

आज वीणा संग सब मिल के फिर से बजना हैं चाहते
वीणा के सुर ताल लय संग अब अकेले ही मैं मुस्काती हूं।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया- तमन्ना मतलानी

January 6, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया… कविता लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत

कोशिश-नंदिनी लहेजा

January 6, 2022

विषय-कोशिश कोशिश करना फ़र्ज़ तेरा, बन्दे तू करता चल।भले लगे समय पर तू, निश्चित पाएगा फल।रख विश्वास स्वयं पर, और

कैसे कोई गीत सुनाये-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

कैसे कोई गीत सुनाये कितने साथी छूट गएसब रिश्ते नाते टूट गएपल-पल मरती आशाएंजब अपने ही लगें परायेकैसे कोई गीत

प्रणय जीवन- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

प्रणय जीवन प्रेम जीवन में प्रवाहित,प्रेम से जीवन जुड़ा है,प्रेम का परिणाम हम हैं,प्रेम को जीवन समर्पित ।। जिंदगी पर्याय

जीने का अनुराग नहीं – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

जीने का अनुराग नहीं प्यासी है नदियां प्यासा है सावन,बर्षा की बेला प्यासा है चातक ,प्यासी है धरती प्यासा है

राधा की पीड़ा- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

राधा की पीड़ा चल केशव बरसाना जाना,रूठ गयी जहां राधा रानी ,वृंदावन को भूल गयी है ,अपनों से भी रूठ

Leave a Comment