Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

बावीस संविधान सूचीगत भारतीय भाषाएं

 भावनानी के भाव  बावीस संविधान सूचीगत भारतीय भाषाएं बावीस सविंधान सूचीगत भारतीय भाषाओं से  नवोन्मेष उधमियों को सहायता मुहैया  कराने …


 भावनानी के भाव 

बावीस संविधान सूचीगत भारतीय भाषाएं

बावीस सविंधान सूचीगत भारतीय भाषाओं से 
नवोन्मेष उधमियों को सहायता मुहैया 
कराने का अनमोल कार्यक्रम बनाया है 
आयोग ने अटल नवाचार मिशन चलाया है 
नीति आयोग ने देश में नवोन्मेष उद्यमियों को 
बढ़ावा देने के स्थानीय भाषाओं में नवाचार 
कार्यक्रम कर महत्वपूर्ण कदम उठाया है 
भाषाई तालमेल का अनमोल रास्ता दिखाया है
नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने 
भाषाई अड़चनों को दूर भगाया है रचनात्मक 
अभिव्यक्ति का आधार तैयार किया है 
स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है 
नवाचार परिस्थितिकी को अंग्रेजी के अलावा 
बावीस क्षेत्रीय भाषाओं में मुहैया वाला भारत 
को संभवत पहला देश बनाया है आत्मनिर्भर 
भारत शीघ्र बनाने भाषाई सहयोग रास्ता दिखाया है 

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

beshumar pyar kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

  बेशुमार प्यार तुम को हम बतलाये कैसे, बेशुमार प्यार हम करते हैं। तुम बिन जीवन जीने का, स्वप्न में

avani kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

अवनी चहक रहे खग वृन्द सभी  झूम रही लतिका उपवन में। शीतल हवा बही सुखदाई अनुपम छटा मनोहर छाई। *

shrafat kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

 शराफत शराफत से जीने का मजा कुछ और है यारों। नहीं पैसा नहीं गाड़ी पर इज्जत बेशुमार है। चेहरे पर

jeet nishchit hai by anita sharma jhasi

July 23, 2021

 जीत निश्चित है– लक्ष्य हो स्पष्ट तो ,आत्म विश्वास भरो। दृढ़ संकल्प संग , मेहनत में जुट जाओ। व्यवधान बहुत

varun kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

  वरुण वरूण वरूण पुकार रही थी, कहीं न मिलता मुझको । तभी आसमान ने बोला आकर , लाकडाऊन है

ekakai pal kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

*एकाकी पल* वीरानियो में भी सबक मिलते हैं। जिन्दगी के तजुर्बे -सलीके मिलते हैं।। वहीं शान्ति से खुद को समझूँ

Leave a Comment