Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

बन्दा नवाज

 बन्दा नवाज        मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” हर जर्रा – जर्रा उसका ही मोहताज है । हर जर्रे – …


 बन्दा नवाज       

मईनुदीन कोहरी"नाचीज बीकानेरी"
मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी”

हर जर्रा – जर्रा उसका ही मोहताज है ।

हर जर्रे – जर्रे में उसकी आवाज है ।।

सारे जहाँ को उस पर ही नाज है ।

वो सबको नवाजता है इसमें भी राज है ।।

हम बन्दे हैं उसके वो बन्दा नवाज है ।

दुनियाँ के साज में उसकी ही आवाज ।।

हम पर भी मेहरबानी उसकी आज है ।

दोनों जहाँ में उसका ही तो राज है ।।

किसी के सर पर वो रखता ताज है ।

चींटी से हाथी तक की रखता वो लाज है ।।

शर्म सबकी रखना उसका ही काज है ।

उसका नाम लेने मे आती क्यों लाज है ।।

सारे आलम मे जिसका बजता डंका आज है ।

वो नेअमते अता करे उस पर हमें नाज है ।।

मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़ बीकानेरी ” मो.9680868028

मोहल्ला कोहरियान् बीकानेर


Related Posts

गजल

June 24, 2022

 गजल मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” म्हारे वतन मे अमन-चैन बण्यो रैवै । आ प्रार्थना जणो-जणो करतो रैवै ।। घर – घर

बन्दा नवाज

June 24, 2022

 बन्दा नवाज        मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” हर जर्रा – जर्रा उसका ही मोहताज है । हर जर्रे –

अणुव्रत:– गीत

June 24, 2022

 अणुव्रत:– गीत मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” ~~~~~~~~~~~~~~ मेरा जीवन सादा -सद.विचारों का हो । निज पर शासन फिर अनुशासन की भाषा

बलात्कार

June 24, 2022

 बलात्कार डॉ. इन्दु कुमारी  दरिंदगी की पहचान है  समाज का अभिशाप है  गंदगी की अंबार है  संकुचित विचारों का  गंदी

पृथ्वी दिवस

June 24, 2022

 पृथ्वी दिवस डॉ. इन्दु कुमारी  वसुंधरा को आइए  पेड़ों से सजाइए  वन बागों से इस धरा पर  जीवन की फसलें

प्रकृति के आंचल

June 24, 2022

 प्रकृति के आंचल डॉ. इन्दु कुमारी  प्रकृति हमारी हम प्रकृति के  सजाएंगे हम तो पाएंगे हम  लगाएंगे हम खाएंगे हम 

PreviousNext

Leave a Comment