Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

बनाओ एकता की चैन

बनाओ एकता की  चैन शहीदों कि अरमानों की  सूली परदेखो चढ़ रहा मेरा वतन ।। शहीदों के बलिदानों से मिली …


बनाओ एकता की  चैन

वीना आडवाणी तन्वी नागपुर, महाराष्ट्र
शहीदों कि अरमानों की  सूली पर
देखो चढ़ रहा मेरा वतन ।।

शहीदों के बलिदानों से मिली स्वतंत्रता
आज उजड़ रहा देश का हर चमन।।
हर ओर देखो नजर घुमा हर कोई
हो रहा हर ओर देश मे ही दम़न।।

लूटते अपने ही देश की बेटियों की आबरु
क्या यही था शहीदों के ख्वाबों का वतन।।
आज बटवारे के बाद भी कहते फिरे सभी
ये तेरा वतन , ये मेरा वतन।।

धर्म , जात-पात का भेद कर आज भी
हो रहा जैसे गुलिस्तां का हनन।।
उधल-पुथल भूचाल मचा हर राज्य में
दम़ घुटे संस्कारों का कहते हैं हम।।

रस्साकसी , छिंटाकशी , अपशब्द बरसते
संस्कार का कत्ल कर , किये हैं खत्म।।
चोरी , लूट , अवैधानिक कार्यों को कर
फैला रहे खौफ हर ओर , डरे है मन।।

फैल रहा घुसपैठियों के द्वारा आतंक देश मे
भीतर के लोग ही मदद् करते जख़्म।।
शहीद हो रहे आज भी कितनी मां के लाल
सीमा पर सीना ताने डटे फौजी विशाल बन।।

मादक पदार्थों की तस्करी कर देश में
बच्चों का उजाड़े भविष्य , जैसे दबंग।।
क्या करें , कैसे करें , कहां से लाएं हम
स्वच्छ , निर्मल भाव से भरे हुए मन।।

सोचे जो देश के हित में कोई अभिव्यक्ति
लगा देते आरोप सोच उदास हुए गगन।।
अरे मिलो उठो सब द्वेष मिटा हाथ मिलाओ
बनाओ एकता कि चैन करो मिल जतन।।

शहीदों की अरमानों कि सूली पर
देखो चढ़ रहा मेरा वतन ।।2।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

दूधारू हो , परंतु गाय हो गाय

May 7, 2023

दूधारू हो , परंतु गाय हो गाय वर्तमान युग में बढ़ती हुई महंगाई को मद्देनजर रखते हुए इस लेख को

एक कोशिश , जरिया बनने की

May 4, 2023

एक कोशिश , जरिया बनने की ज़हर जो उगले मेरी कलम छील के ये रख देती हैक्रोध कि ज्वाला धधक

बलात्कार गुनाह और स्वैच्छिक बलात्कार नहीं

May 4, 2023

बलात्कार गुनाह और स्वैच्छिक बलात्कार नहीं बलात्कार शब्द एक ऐसा शब्द है जिसे सुनकर दिल क्रोध से भर जाता है

सावधान ! शिकारी घात लगाए बैठे

May 4, 2023

सावधान ! शिकारी घात लगाए बैठे उफ़्फ ये कैसी विडम्बना है , हर तरफ़ खौंफ के साए के काले बादल

एक सवालिया निशान ? क्या एसे मर्द , मर्द हैं

May 4, 2023

एक सवालिया निशान ? क्या एसे मर्द , मर्द हैं आज वर्तमान युग मे यदि देखा जाए तो हर ओर

कविता – अंधेरे की आवाज़ | Andhere ki awaz

April 26, 2023

अंधेरे की आवाज़  तालाब शांति में समुद्रीय हलचलविश्व का दूरस्थ प्रतिमान,जो नहीं खोज पाया खोज ही नहीं पायाकविता और कहानियों

PreviousNext

Leave a Comment