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बजट 2022- विज़न आत्मनिर्भर भारत, विज़न 2047 का दूरगामी दस्तावेज़

बजट 2022- विज़न आत्मनिर्भर भारत, विज़न 2047 का दूरगामी दस्तावेज़ बजट 2022- हेडलाइन क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी ने खींची- मध्यम …


बजट 2022- विज़न आत्मनिर्भर भारत, विज़न 2047 का दूरगामी दस्तावेज़

बजट 2022- विज़न आत्मनिर्भर भारत, विज़न 2047 का दूरगामी दस्तावेज़

बजट 2022- हेडलाइन क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी ने खींची- मध्यम वर्ग फ़िर निराश

बजट 2022 में आजादी के 100 वें वर्ष के ब्लूप्रिंट की दस्तक – दूरगामी सकारात्मक प्रभाव की आशा- एड किशन भावनानी

 हर साल की तरह इस साल भी आम जनता की अनेक उम्मीदों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना चौथा बजट पेश किया तो लोकसभा अध्यक्ष ने पहले ही मुस्कुराते हुए कहा वित्तमंत्री जी आज डिजिटल बजट पड़ रही है, और हमें भी बजट का विश्लेषण करने के बाद ऐसा दिखा भी क्योंकि हेडलाइंस क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी ने खींची, अनेक टीवी चैनलों पर यही चर्चा दिखीं भी और मध्यम वर्गीय परिवारों के हाथ खाली रहे क्योंकि इस साल भी आयकर स्लैब में परिवर्तन नहीं किया गया, जिसकी आम जनता को उम्मीद थी।
 
क्रिप्टो करेंसी की कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स और आरबीआई इस वित्तीय वर्ष में डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगी। मेरा मानना है कि आम जनता का इससे कोई लेना देना नही है, वहीं सहकारी कॉरपोरेट टैक्स में 18 से 15 प्रतिशत, 3 साल में 400 नई वंदे मातरम ट्रेन, कपड़ा और चमड़े पर टैक्स कम, आयकर रिटर्न सुधार अवधि 2 वर्ष तक बढ़ाई, कृषि संबंधी उपकरण सस्ते, 80 लाख नए घर बनाने की घोषणा, 60 लाख नौकरियों की घोषणा, 5G सेवाओं की शुरुवात, गेमिंग और एनीमेशन बनेंगे इकोनॉमी का हिस्सा, एमएसएमई को 6 हजार करोड़, पीएम ई- विधा प्रोग्राम का दायरा बढ़ाया गया जिसमे अब 12 से बड़ाकर 200 चैनल कर दिए जाएंगे जो क्षेत्रीय भाषा में होंगे जिससे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में सुविधा होगी। गंगा किनारे ऑर्गेनिक खेती सहित कुछ घोषणाएं की गई जो भारत को एक नई दिशा देंगे। मेरे आंकलन से सार यही निकलता है कि 90 मिनट के बजट भाषण में यह बजट 5 राज्यों में चुनावी बजट नहीं दिखा और मध्यम वर्गीय परिवारों की झोली हमेशा की तरह खाली रही और अर्थव्यवस्था का डिजिटल करेंसी क्रिप्टो करेंसी के सहारे विशाल करने की कोशिश की गई है।
 
साथियों बात अगर हम मध्यमवर्ग जिसमें नौकरी पेशा और व्यवसायी व्यापारी शामिल हैं, जो 8 वर्षों से आयकर स्लैब में बदलाव की आस में बैठे हैं और बजट 2022 से उन्हें बहुत उम्मीद थी क्योंकि कोविड महामारी ने इस मध्यम वर्गीय परिवार को तगड़ा झटका दिया है क्यों कि उनका व्यापार, व्यवसाय, नौकरियों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है जिससे राहत की आस में थे परंतु माननीय वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान बताया कि आखिर मध्यमवर्ग को टेक्स की राहत क्यों नहीं दी है, उन्होंने महाभारत के शांति पर्व के अध्याय 72 के श्लोक 11 को पढ़ते हुए अपनी बात समझाई। उन्होंने कहा-
दापयित्वाकरंधर्म्यंराष्ट्रंनित्यंयथाविधि।
अशेषान्कल्पयेद्राजायोगक्षेमानतन्द्रितः॥११॥
यानी कि, ‘राजा को किसी भी प्रकार की ढिलाई न करते हुए और धर्म के अनुरूप करों का संग्रहण करने के साथ-साथ, राज धर्म के अनुसार शासन करके लोगों के योगक्षेम (कल्याण) के लिए अवश्य व्यवस्थाएं करनी चाहिए।
निर्मला सीतारमण ने कहा,अपने प्राचीन ग्रंथों से ज्ञान एवं मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए हमने प्रगति के पथ पर चलना जारी रखा है. इस बजट के प्रस्तावों का उद्देश्य स्थिर और जानी-पहचानी कर व्यवस्था की हमारी घोषित नीति पर कायम रहते हुए, और अधिक ऐसे सुधारों को लाना है जो एक विश्वसनीय कर व्यवस्था स्थापित करने की हमारी संकल्पना को आगे बढ़ा सके। यह कर प्रणाली को और भी अधिक सरल बनाएगा, करदाताओं को स्वैच्छिक अनुपालन के लिए प्रोत्साहित करेगा, और मुकदमेबाजी को कम करेगा।
साथियों बात अगर हम बजट के बुनियादी ढांचे, निवेश, विनिवेश, विकास और नौकरियों के अवसरों की करें तो यह बजट दूरगामी परिणामों की बुनियाद साबित होगा क्योंकि हमारा आधारभूत उद्देश्य हमारे विज़न आत्मनिर्भर भारत, विज़न 2047 के लक्ष्य हैं उसे देखते हुए यह अमृतकाल का समावेशी सर्वस्पर्शी बजट साबित होगा हालांकि यह तात्कालिक समय में आश्वस्त करता है परंतु इसके दूरगामी प्रभाव जरूर होंगे।
 
साथियों बात अगर हम बजट 2022 के संबंध में वित्त राज्य मंत्री के बयान की करें तो उन्होंने कहा उन्होंने कहा वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया वर्ष 2022-23 का केंद्रीय बजट देश के अमृतकाल का बजट है। यह बजट समावेशी, सर्वस्पर्शी और जन-जन का बजट है। यह बजट एक तरफ कोरोना के कठिन काल के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था को दिशा व गति देता है तो वहीं दूसरी ओर आजादी केअमृतकाल यानी 75 वें वर्ष से लेकर आजादी के 100वें वर्ष तक का ब्लूप्रिंट भी प्रस्तुत करता है। यह बजट तात्कालिक रूप से आश्वस्त करने वाला मगर साथ ही दूरगामी विजन प्रदान करने वाला दस्तावेज है।
भारत को आत्मनिर्भर बनाने के देशवासियों के सपने को साकार करने की दिशा में यह बजट एक बड़ा कदम है। रक्षा के क्षेत्र में भारत में रक्षा उत्पादन के लिए लागत में दस फीसदी की बढोतरी से हम तेजी के साथ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगे।
 
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि बज़ट 2022 विज़न आत्मनिर्भर भारत विज़न 2047 का दूरगामी दस्तावेज़ है तथा इस बजट में हेडलाइंस क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी ने खीचीं जबकि मध्यम वर्ग को आयकर स्लैब की स्थिरता से निराशा हाथ आई एवं यह बजट आजादी के 100 वें वर्ष के ब्लूप्रिंट की दस्तक है जिसके दूरगामी सकारात्मक प्रभाव होने का मजबूत आधार दस्तावेज़ है।

-संकलनकर्ता लेखक-कर विशेषज्ञ 
 एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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