Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

बच्चों में भगवान बसते हैं/ children day special

यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है   कविता बच्चों में भगवान बसते …


यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है 

 कविता बच्चों में भगवान बसते हैं

बच्चों में भगवान बसते हैं/ children day special

हर छल कपट दांवपेंच से दूर रहते
अबोध बच्चे खिलखिलाकर हंसते हैं
किसी के ऊपर ताने तंज़ नहीं कस्ते हैं
क्योंकि बच्चों में भगवान बसते हैं

बच्चे न कोई शिकायत गिले-शिकवे करते हैं 
वह बेटी या बेटा हूं अनजान रहते हैं 
ना किसी की बुराई ना गुणगान करते हैं 
क्योंकि बच्चों में भगवान बसते हैं 
नारी को मां बनने का सम्मान देते हैं 
पिता के गौरव और अभिमान होते हैं 
मत मारो कोख में वह एक नन्हीं सी जान है 
बच्चों मैं समाए होते भगवान होते हैं 
घर की चौखट चहकती है बच्चे जब हंसते हैं 
महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं 
संस्कारवान बच्चे धन सम्मान सेवा के रस्ते हैं 
बच्चों में भगवान बसते हैं 
गम खुशी नहीं समझते हमेशा हंसते हैं 
दिल जुबां में कुछ नहीं बस हंसते हैं 
स्कूल जाते पीठ पर भारी बस्ते हैं 
तकलीफ़ नहीं बताते बस हंसते हैं 

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2022 पर विशेष/mahatma gandhi jayanti vishesh

October 1, 2022

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2022 पर विशेष आओ सत्य अहिंसा शांति और धर्मनिरपेक्षता में दृढ़ विश्वास बढ़ाएं 2

गुंजा के दाने

October 1, 2022

गुंजा के दाने रमणीय , मनमोहक , चमकदारगुंजा के दाने मन को हर जाते हैसुर्ख चटकीले लाल रंग लिये येकाले

गांधीजी के सिद्धांत व विचार

October 1, 2022

2 अक्टूबर 2022 महात्मा गांधी जयंती के उपलक्ष में उनके सिद्धांतों और विचारों पर मौलिक रचना कविता –गांधीजी के सिद्धांत

आओ घरों को टूटने से बचाएं

October 1, 2022

आओ घरों को टूटने से बचाएं घर तब तक नहीं टूटता, जब तक फैसला बड़ों के हाथ में होता है

Phir Wahi Qissa Sunana To Chahiye

October 1, 2022

 Phir Wahi Qissa Sunana To Chahiye फिर वही क़िस्सा सुनाना तो चाहिए फिर वही सपना सजाना तो चाहिए यूँ मशक़्क़त

मुझे कहां पता था

October 1, 2022

मुझे कहां पता था आरज़ू थी तेरे संग जिंदगी बिताऊंगीआरज़ू थी तेरा साथ अंत तक मैं निभाऊंगी।। मेरी आरज़ूओं को

Leave a Comment