Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

बंदर और इंसान-जितेंद्र कबीर

 बंदर और इंसान एक दिन सारे बंदर अपने आपको इंसान घोषित कर देंगे इंसानों के ऊपर  इतिहास के साथ छेड़खानी …


 बंदर और इंसान

बंदर और इंसान-जितेंद्र कबीर

एक दिन सारे बंदर

अपने आपको इंसान घोषित कर देंगे

इंसानों के ऊपर 

इतिहास के साथ छेड़खानी का

आरोप लगाते हुए,

फिर वो खुद को

संसार में सबसे बलशाली, सबसे समझदार,

सबसे बड़े शूरवीर, महान अविष्कारक,

सबसे ईमानदार, महान राष्ट्रवादी,

इकलौते देशभक्त, सर्वोत्कृष्ट प्रशासक,

निष्पक्ष न्यायवादी, अध्यात्म के परम ज्ञाता,

विकास के देवता एवं साक्षात ईश्वर का

अवतार दर्शाने वाला

नया गौरवशाली इतिहास लिखवाएंगे,

उसमें शामिल नहीं होंगी

उनके अतीत की शर्मनाक गलतियां

एवं हारी गई लड़ाइयों के विवरण,

आत्मश्लाघा तब चरम पर होगी,

‘भूतो न भविष्यति’ की तर्ज पर होगा

उनके शासकों का प्रचार,

यह सब करके भ्रम हो जाएगा उन्हें

कि आने वाली पीढ़ियां

उस इतिहास को पढ़कर

उनकी महानता के गीत गाएंगी,

संसार की दसों दिशाओं में

उनकी कीर्ति की पताका लहराएगी,

 लेकिन यह सिलसिला चला रहेगा 

 केवल तब तक ही

जब तक इंसानों को सही – गलत की

पहचान नहीं आएगी

और इंसानियत  बंदरों की 

सारी कारस्तानियों से वाकिफ हो

उन्हें उनकी सही जगह नहीं दिखाएगी।

    जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

हिंदी दिवस | Hindi divas par kavita

September 14, 2023

हिंदी दिवस | Hindi divas par kavita  सुनो दिकु…… तुम्हें हिंदी भाषा बहुत पसंद है नाआज उसी का दिवस है

बेतार की बातें | kavita – Betar ki batein

September 13, 2023

बेतार की बातें जाने कैसे-कैसे महकती है यादें, साथ साथ चलतीदिल में तुम्हारी यादें , लब लरजते हैं कुछ कहने

कविता- भारत देश महान, मेरी आन बान शान

September 13, 2023

कविता-भारत देश महान, मेरी आन बान शान चांद पर पहुंचे अब सूरज की मिलेगी कमान जी20 सफ़ल हुआ पूरे हुए

कविता – संदेश | kavita-Sandesh

September 13, 2023

संदेश जब से गए तुम साजन मेरे,मन को न कुछ भी भाये।हर क्षण लगता वर्ष सम मुझको,याद तेरी अति सताए।भूख

कविता – फिर रात | kavita -Phir rat

September 13, 2023

 कविता – फिर रात | kavita -Phir rat सत्य एक, बीती दो रात हैये दो चांदनी, फिर कहे कोई बात

भारतीय संस्कार | bharteey sanskar par kavita

September 11, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत होती है

PreviousNext

Leave a Comment