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फ्लाइंग किस्स बनाम मणिपुर मुद्दा

फ्लाइंग किस्स बनाम मणिपुर मुद्दा बात का बतंगड़ – आंख मारने से फ्लाइंग किस्स तक रण लोकतंत्र के मंदिर में …


फ्लाइंग किस्स बनाम मणिपुर मुद्दा

फ्लाइंग किस्स बनाम मणिपुर मुद्दा

बात का बतंगड़ – आंख मारने से फ्लाइंग किस्स तक रण

लोकतंत्र के मंदिर में संसद के हर सत्र में आचरण और बॉडी लैंग्वेज को जनता रेखांकित करती है – एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया

गोंदिया – विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या व सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में 20 जुलाई से 11अगस्त 2023 तक लोकतंत्र के मंदिर में उच्च और निचले सदन में मानसून सत्र चल रहा है जिसपर भारत के 140 करोड़ जनसंख्या की 280 करोड़ आंखों सहित पूरे विश्व की नजरें लगी हुई है।कई महत्वपूर्ण बिल पास हुए हैं। हालांकि यह अलग बात है कि दिल्ली सर्विस बिल को छोड़कर सभी ध्वनि मत से ही पारित हुए हैं, ऊपर से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है जिसपर दो दिनों तक बहस हुई और माननीय पीएम इसका जवाब दे रहे हैं। हालांकि माननीय गृह मंत्री ने 9 अगस्त 2023 को संसद के पटल पर कहा कि वे देश के गृहमंत्री हैं इसका जवाब उनको देना उनका लोकतांत्रिक संवैधानिक अधिकार है। बता दें कि करीब-करीब पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ चुका है, परंतु दिनांक 9 अगस्त 2023 को संसद में बहस के दौरान विश्व सहित भारत की जनता ने एक महत्वपूर्ण बात को रेखांकित किया, जिसपर उसी शाम से ही दूरदर्शन सहित अनेक निजी टीवी चैनलों पर उस विषय पर चर्चा, डिबेट, वादवाद शुरू हो गयाहै मानो इससे बड़ा कोई और मुद्दा ही नहीं है वह मुद्दा था युवा नेता द्वारा फ्लाइंग किस्स करने की बात का !! मेरा मानना है कि सारे देश की जनता यह अंदाज लगा सकती है कि जो उनके मायने निकालकर संसद से सड़क तक, दूरदर्शन से निजी टीवी चैनलों तक जो मुद्दा बनाकर उभर रहा है, वह केवल बात का बतंगड़ ही माने जाने की संभावना है, इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि आज सबसे अधिक प्राथमिकता वाला मुद्दा मणिपुर है जिसके लिए हंगामें से लेकर अविश्वास प्रस्ताव तक का सफ़र तय किया गया है परंतु देश की जनता देख रही है बीस महिला सांसदों द्वारा अध्यक्ष महोदय को पत्र, केंद्रीय मंत्री द्वारा संसद में बयान, अन्य सांसदों के बयान, फिर विपक्ष द्वारा दिया गया बयान, इन सब की चर्चा हम नीचे करेंगे। इसपर मेरा मानना है कि इसका कोई औचित्य नहीं था, हालांकि इसके पूर्व 2018 में भी संसद के अविश्वास प्रस्ताव में आंख मारने वाला मुद्दा गूंज चुका है। चूंकि यह फ्लाइंग किस वाला मुद्दा देर शाम से लगातार छाया हुआ है इसलिए आज हम मीडिया और लाइव टीवी चैनलों में जारी डिबेट के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, फ्लाइंग किस्स बनाम मणिपुर मुद्दा। लोकतंत्र के मंदिर में सांसद के हर सत्र में आचरण और बड़ी लैंग्वेज को जनता रेखांकित करती है।
साथियों बात अगर हम संसद में उठे फ्लाइंग किस्स के मामले की करें तो, दरअसल, लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरे दिन की बहस हो रही थी। इसपर बोलने के लिए युवा नेता भी सदन पहुंचे थे। भाषण खत्म होने के बाद जब वो सदन से बाहर निकल रहे थे तो उस वक्त उनके कुछ कागज जमीन पर गिर गए। मीडिया के मुताबिक, इन कागजों को उठाने के लिए युवा नेता नीचे झुके तो सत्ताधारी पार्टी के सांसद हंसने लगे, इसपर उन्होंने ट्रेजरी बेंच की तरफ फ्लाइंग किस्स दिया और मुस्कुराते हुए निकल गए।हालांकि, ये घटना कैमरे में कैद नहीं हुई थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, ये सब उनकी आंखों के सामने हुआ। उस समय केंद्रीय मंत्री का भाषण चल रहा था, ऐसे में जब ये बात उन तक पहुंची तो उन्होंने भरे सदन में इस बात का जिक्र कर दिया, उन्होंने युवा नेता पर महिला सांसदों को फ्लाइंग किस देने का आरोप लगाया, इसको लेकर उनकी पार्टी की कई महिला सांसदों की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत भी की गई है। हालांकि ऐसी स्थिति पूर्व में भी बन चुकी है जब 2018 में वे जब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। इससे पहले वर्तमान नेतृत्व वाली सरकार को 20 जुलाई 2018 को अपने पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। पिछली बार आए अविश्वास प्रस्ताव पर 12 घंटे की बहस हुई थी। इसमें पीएम का डेढ़ घंटे से अधिक का संबोधन भी शामिल था। बहस के दौरान तत्कालीन अध्यक्ष युवा नेता और पीएम के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली थी। चर्चा के दौरान अपने संबोधन के समापन पर युवा नेता पीएम के पास पहुंचे और उन्हें गले लगाया था। वापसी के बाद अन्य उनकी पार्टी नेताओं को आंख मारते देखा गया था जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं थीं।हालांकि, उस समय पीएम ने युवा नेता की हरकतों पर कटाक्ष किया था। पीएम ने घटनाक्रम को युवा नेता का अहंकार बताते हुए पीएम की सीट पर कब्जा करने की अनुचित जल्दबाजी कहा था।
साथियों बात अगर हम 20 महिला सांसदों द्वारा लोकसभा स्पीकर को लिखे गए पत्र की करें तो, इस महिला सांसदों के हस्ताक्षर वाले शिकायत पत्र में कहा गया है कि हम आपका ध्यान आज सदन में केरल के वायनाड से सांसद से संबंधित एक घटना की ओर दिलाना चाहती हैं, उक्त सदस्य ने अभद्र आचरण प्रदर्शित किया और केंद्रीस को लेकर अभद्र भाव भंगिमा प्रदर्शित की जब वह सदन को संबोधित कर रही थी। सत्ताधारी पार्टी की महिला सांसदों ने मांग की कि सदस्य के ऐसे अभद्र आचरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने न केवल सदन में एक महिला सदस्य को अपमानित किया है बल्कि इस सदन की गरिमा को कम किया है। शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली महिला सांसदों सहित केंद्रीय मंत्री और सांसद ने दावा किया कि पहली बार ये हो रहा है कि संसद के एक सदस्य संसद के अंदर किसी महिला के सामने फ्लाइंग किस्स दे रहे हैं। सभी महिला सदस्यों को फ्लाइंग किस्स देकर युवा नेता सदन से चले गए, वे क्या नेता हैं? हमने आज स्पीकर को शिकायत की है। उन्होंने कहा कि हमने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज देखकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, ये एक सदस्य का अनुचित और अशोभनीय व्यवहार है, वहीं अन्य सांसद ने दावा करते हुए कहा कि वह फ्लाइंग किस्स देते हैं, उनको क्या हो गया है? वहां सदन में इतनी सारी महिलाएं बैठी हैं, उनमें कोई शिष्टाचार नहीं है।
साथियों बात अगर हम पक्ष सांसदों के बयान की करें तो उन्होंने कहा एक महिला विरोधी ही ऐसा उदाहरण दे सकता। संसद में भाषण के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने युवा नेता पर निशाना साधा और कहा, सिर्फ एक महिला विरोधी व्यक्ति ही संसद में महिला सांसदों को फ्लाइंग किस्स दे सकता है, ऐसा उदाहरण पहले कभी नहीं देखा गया. इससे पता चलता है कि वह महिलाओं को लेकर क्या सोचते हैं यह अभद्रता है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान ही दावा किया कि सदन में उनसे पहले बोलने वाले वक्ता ने सदन से जाते हुए अभद्र आचरण दर्शाया है। उन्होंने कहा कि ऐसा आचरण संसद में पहले कभी नहीं देखा गया। जिन्हें आज मुझसे पहले वक्तव्य देने का अधिकार दिया गया उन्होंने जाते-जाते एक अभद्र कार्य किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ एक महिलाओं से द्वेष रखने वाला आदमी ही उस संसद को फ्लाइंग किस्स देसकता है, जिसमें महिला सांसद भी शामिल है, ऐसा गरिमाविहीन आचरण इस देश के सदन में कभी नहीं देखा गया।हालांकि उन्होंने अपने भाषण में कहीं भी ये नहीं कहा कि युवा नेता ने उन्हें टारगेट करके फ्लाइंग किस्स दी है, लेकिन महिला सांसदों की तरफ से स्पीकर के पास भेजी गई शिकायती चिट्ठी में ऐसा ही दावा किया गया है।
साथियों बात अगर हम इस मुद्दे पर विपक्ष के बयान की करें तो, उन्होंने सत्ताधारी पार्टी के आरोपों से इनकार किया और कहा कि जब युवा नेता ने इशारा किया तो उनके सामने पुरुष सांसद बैठे थे। पार्टी की कार्यवाहक अध्यक्ष ने उसी वीडियो को साझा करते हुए यह बताने की कोशिश की कि युवा नेता केंद्रीय मंत्री की तरफ देख भी नहीं रहे थे। उन्होंने कहा, दिन रात मुद्दों और तथ्यों से देश का ध्यान भटकाने वाली पार्टी एक बार फिर अपने काम में लग गई है, लेकिन देश खुद यह वीडियो देखेगा और फैसला करेगा। वीडियो से साफ है कि युवा नेता के सामने पुरुष सांसद हैं। केंद्रीय मंत्री तो सामने हैं भी नहीं, लेकिन युवा नेता-फोबिया ऐसा है कि हर जगह वे ही दिखाई देते हैं।’इस मामले में महाराष्ट्र की एक पार्टी की महिला सांसद की भी प्रतिक्रिया आई है। राजय सभा सांसद ने कहा,मैं दर्शक दीर्घा में थी और उन्होंने स्नेह के भाव के तौर पर ऐसा किया। वे स्नेह को स्वीकार नहीं कर सकते।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि फ्लाइंग किस्स बनाम मणिपुर मुद्दा। बात का बतंगड़ – आंख मारने से फ्लाइंग किस्स तक रण। लोकतंत्र के मंदिर में संसद के हर सत्र में आचरण और बॉडी लैंग्वेज को जनता रेखांकित करती है

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कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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किशन सनमुख़दास भावनानी 
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